पिथौरागढ़ । राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ के गौरवमय एवं ऐतिहासिक अवसर पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा आज दिनांक 22 जनवरी 2026 को पिथौरागढ़ के ऐतिहासिक किला लंदन फोर्ट परिसर में एक विशेष ब्रास बैंड कार्यक्रम का भव्य, अनुशासित एवं अत्यंत गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता तथा सांस्कृतिक चेतना को समर्पित रहा।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कल्पना देवलाल, महापौर, पिथौरागढ़ रहीं। इस अवसर पर आशीष कुमार, कमांडेंट, 55वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, राम भरत सिंह कुशवाहा, कमांडेंट, 14वीं वाहिनी आईटीबीपी, मेजर अंशुमन तिवारी, 119 इन्फैंट्री ब्रिगेड, सहित अनेक वरिष्ठ प्रशासनिक एवं सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सशस्त्र सीमा बल के अधिकारीगण, अधीनस्थ अधिकारी, जवान, स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि, सम्माननीय नागरिकगण तथा जवानों के परिवारजन बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए, जिससे आयोजन की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत सीमांत मुख्यालय सशस्त्र सीमा बल, रानीखेत के दक्ष एवं प्रशिक्षित ब्रास बैंड द्वारा वंदे मातरम् सहित विभिन्न देशभक्ति से ओत-प्रोत संगीत प्रस्तुतियाँ दी गईं। बैंड की सुसंगठित धुनों, अनुशासनबद्ध प्रस्तुति एवं भावनात्मक संगीतमय वातावरण ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।

संपूर्ण किला परिसर देशप्रेम, राष्ट्रीय गौरव एवं एकता की भावना से गूंज उठा। मुख्य अतिथि श्रीमती कल्पना देवलाल ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में वंदे मातरम् के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं भावनात्मक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की चेतना, त्याग और आत्मसम्मान का प्रतीक है, जो प्रत्येक भारतीय के हृदय में मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, समर्पण एवं एकता की भावना को जागृत करता है। उन्होंने सीमाओं की सुरक्षा में सशस्त्र सीमा बल के अतुलनीय योगदान की सराहना करते हुए जवानों के अनुशासन, सेवा भावना एवं बलिदान को नमन किया।

इस अवसर पर कमांडेंट आशीष कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि वंदे मातरम् भारत की आत्मा और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं राष्ट्रप्रेरक आयोजनों का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक अवसरों का स्मरण करना ही नहीं, बल्कि जवानों एवं नागरिकों के बीच आपसी समन्वय, सौहार्द और विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करना भी है। ऐसे कार्यक्रम जवानों के मनोबल को ऊँचा उठाने के साथ-साथ समाज में राष्ट्रभक्ति की भावना को भी सशक्त करते हैं। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान एवं देशभक्ति के जयघोष, उल्लासपूर्ण वातावरण एवं सौहार्दपूर्ण सहभागिता के साथ हुआ। यह आयोजन उपस्थित सभी अधिकारियों, जवानों, नागरिकों एवं परिवारजनों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक, गरिमामय एवं अविस्मरणीय सिद्ध हुआ। सशस्त्र सीमा बल द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक विरासत एवं राष्ट्रीय एकता के प्रति बल की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रदर्शित करता है।