पिथौरागढ़,
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में ए, बी, सी एवं डी श्रेणी के बीस सूत्रीय कार्यक्रमों की विभागवार विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति, उपलब्धियों तथा लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि बीस सूत्रीय कार्यक्रम राज्य एवं केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं का प्रतिबिंब हैं, जिनका उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीबी उन्मूलन, कृषि उन्नयन, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पेयजल उपलब्धता तथा आवास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। इन योजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता, देरी अथवा लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
बैठक में विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने-अपने लक्ष्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें तथा श्रेणी ‘ए’ में जनपद की स्थिति सुदृढ़ बनाए रखने एवं ‘बी’, ‘सी’ एवं ‘डी’ श्रेणी में लंबित योजनाओं में अपेक्षित सुधार लाने हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रगति केवल कागजी न होकर धरातल पर परिलक्षित होनी चाहिए।
बाल विकास विभाग को निर्देशित किया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग, पोषण अभियान की प्रभावी क्रियान्विति तथा लाभार्थियों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। वन विभाग को वृक्षारोपण, वन संरक्षण एवं जनभागीदारी आधारित कार्यक्रमों में गति लाने के निर्देश दिए गए। पीएमजीएसवाई के अंतर्गत स्वीकृत सड़कों का निर्माण कार्य गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग को संस्थागत प्रसव दर में वृद्धि, टीकाकरण अभियान की शत-प्रतिशत उपलब्धि तथा दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग मासिक प्रगति रिपोर्ट समय से प्रस्तुत करे तथा किसी भी प्रकार की समस्या अथवा अवरोध की सूचना तत्काल उच्च स्तर पर उपलब्ध कराए, जिससे समय रहते उसका समाधान किया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि जनपद में संचालित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि पात्र लाभार्थी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठा सकें। साथ ही, ग्राम एवं विकासखंड स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकों का आयोजन कर जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की स्थिति का मूल्यांकन किया जाए।
बैठक में परियोजना निदेशक, ग्राम्य विकास श्री आशीष पुनेठा, उपप्रभागीय वनाधिकारी श्री राजकुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी श्री निरंजन प्रसाद, डिप्टी सीएमओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. निर्मल सिंह बसेड़ा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा आगामी कार्ययोजना से अवगत कराया।

