पिथौरागढ़,
डीएम के संवाद से बढ़ा बेटियों का आत्मविश्वास, करियर मार्गदर्शन से मिली नई प्रेरणा
डीएम भटगांई का अभिनव प्रयास, सीमांत क्षेत्र की छात्राओं ने जाना प्रशासन का कामकाज
छात्राओं के सपनों को मिली नई दिशा, ‘मेरा सपना • मेरा लक्ष्य’ का पांचवां संस्करण आयोजित
10वीं-12वीं के टॉपर्स को डीएम ने किया सम्मानित, छात्राओं को भी मिली प्रेरणा
महिला सशक्तिकरण की दिशा में जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अभिनव पहल “मेरा सपना • मेरा लक्ष्य” कार्यक्रम निरंतर प्रभावी साबित हो रहा है। आज जिला कार्यालय सभागार में कार्यक्रम का पांचवां संस्करण आयोजित किया गया, जिसमें राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, कनालिछीना की विभिन्न कक्षाओं की 25 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। साथ ही उत्तराखंड परिषदीय परीक्षाओं में 10वीं एवं 12वीं कक्षा में जनपद में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनपद के 18 छात्र-छात्राओं को जिलाधिकारी द्वारा मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं को विभिन्न शासकीय कार्यालयों का शैक्षिक भ्रमण कराया गया तथा महिला प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उनका सीधा संवाद आयोजित हुआ। इस पहल के माध्यम से छात्राओं ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को नजदीक से समझा तथा अपने करियर से संबंधित महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त किया।
इस अवसर पर 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कनालिछीना की छात्राओं को मेहनत, अनुशासन एवं निरंतर अध्ययन के माध्यम से सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों ने बताया कि लक्ष्य के प्रति समर्पण, नियमित अध्ययन एवं आत्मविश्वास ही सफलता की वास्तविक कुंजी है। जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित विद्यार्थियों को देखकर कार्यक्रम में उपस्थित अन्य छात्र-छात्राओं को भी बेहतर प्रदर्शन करने, प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने तथा अपने लक्ष्यों को हासिल करने की प्रेरणा मिली।
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि राजकीय परिषदीय परीक्षा में जनपद पिथौरागढ़ ने पूरे राज्य में 10वीं कक्षा में 96.25% से दूसरा एवं 12वीं कक्षा में 94.11% से दूसरा स्थान प्राप्त किया है
कार्यक्रम की विशेषता जिलाधिकारी द्वारा छात्राओं के साथ किया गया सहज, खुला एवं प्रेरणादायक संवाद रहा। जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने कहा कि सपने साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहे और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता तथा आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति ही सफलता की वास्तविक कुंजी है।”
उन्होंने छात्राओं को ईमानदारी, अनुशासन, करुणा, धैर्य एवं आत्मविश्वास जैसे मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देते हुए “डिसिप्लिन और डेडिकेशन” को सफलता का मूल मंत्र बताया।
कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, आयुर्वेद एवं प्रशासनिक सेवाओं से जुड़ी महिला अधिकारियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। संवाद सत्र के दौरान छात्राओं ने अपनी आकांक्षाओं एवं करियर से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे तथा अधिकारियों से सफलता के महत्वपूर्ण मंत्र सीखे।
जिलाधिकारी ने छात्राओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रशासन का द्वार आपके लिए सदैव खुला है। मार्गदर्शन हेतु हम सभी अधिकारी हर समय उपलब्ध हैं। कार्यक्रम में शामिल छात्राओं ने इस अनुभव को “प्रेरणादायक एवं अविस्मरणीय” बताया।
यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संचालित एक सतत पहल है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक माह सीमांत क्षेत्रों की बालिकाओं को प्रशासनिक तंत्र से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कार्यक्रम का सफल संचालन प्रवीण रावल द्वारा प्रभावशाली एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह, उप जिलाधिकारी सदर जितेन्द्र वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु नौगाई, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. चंद्रकला भैंसोड़ा सहित अन्य अधिकारी, शिक्षक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
