पिथौरागढ़, ।
जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के समस्त प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों के साथ मासिक स्टाफ बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिले की कानून व्यवस्था, राजस्व वादों के निस्तारण, आपदा प्रबंधन, विकास कार्यों और जन-शिकायतों की विभागवार गहन समीक्षा की। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को समयबद्धता, पारदर्शिता और पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने के कड़े निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।

बैठक में सबसे पहले पुलिस विभाग के अंतर्गत नियमित क्षेत्र में अपराधों के पंजीकरण और विवेचनाओं के निस्तारण की स्थिति देखी गई। इस माह के प्रारंभ में लंबित पड़े मामलों और वर्तमान में प्राप्त हुए नए मामलों सहित समस्त मामलों का सफल निस्तारण किया गया हैं। जिलाधिकारी ने लंबित मामलों को जल्द से जल्द पूरा करने और “हमारा संकल्प भयमुक्त समाज” कार्यक्रम के तहत नागरिक सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने की बात कही। इसके साथ ही, उन्होंने न्यायालयी एवं राजस्व वादों के निस्तारण की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने ज्येष्ठ अभियोजन और जिला शासकीय अधिवक्ताओं के स्तर पर लंबित पड़े सिविल व राजस्व मामलों की गहन समीक्षा करते हुए अदालती प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि आम जनता को समय पर न्याय मिल सके।

राजस्व वसूली के संबंध में जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए 10 हजार रुपये से अधिक के बड़े बकायेदारों और अन्य मुख्य देयों की वसूली में तेजी लाने को कहा। उन्होंने संग्रह अमीनों की कारगुजारी और आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) के मामलों पर स्पष्ट किया कि सरकारी राजस्व की वसूली में लापरवाही बरतने वालो के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, आगामी मानसून और संवेदनशील समय को देखते हुए उन्होंने आपदा प्रबंधन, विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता पर रखने को कहा। धारचूला, मुनस्यारी और बंगापानी जैसी तहसीलों के आपदा प्रभावित परिवारों के विस्थापन की भौतिक और वित्तीय प्रगति की जांच करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान उपजिलाधिकारी स्तर पर लंबित पड़े विभिन्न सरकारी योजनाओं और महत्वपूर्ण परियोजनाओं से जुड़े भूमि हस्तान्तरण के प्रस्तावों को तत्काल निस्तारित कर आख्या उपलब्ध कराने को कहा गया। साथ ही, राजस्व विभाग के निर्माणाधीन आवासीय व अनावासीय भवनों को कार्यदायी संस्थाओं द्वारा तय समय सीमा के भीतर पूरा करने की हिदायत दी गई।

जिलाधिकारी ने ‘सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011’ के तहत प्राप्त होने वाले प्रमाण पत्रों और जन-शिकायतों को बिना किसी देरी के पोर्टल पर दर्ज कर निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने शासन और उच्चाधिकारियों से प्राप्त लंबित संदर्भों का समय पर जवाब न देने वाले विभागों को अंतिम चेतावनी जारी की।

बैठक के समापन पर जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने पुनः दोहराया कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान और जनपद में पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करना शासन की मुख्य प्राथमिकता है। इस महत्वपूर्ण

बैठक में, अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह, उपजिलाधिकारी सदर जितेन्द्र वर्मा,समस्त उप जिलाधिकारी (एसडीएम) वीसी , ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।