पिथौरागढ़। भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून द्वारा जारी विशेष प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मंगलवार को उत्तराखंड के अधिकांश क्षेत्रों में प्रवेश कर लिया है। आगामी 2 से 3 दिनों के दौरान मानसून के राज्य के शेष भागों में भी सक्रिय होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने 1 जुलाई से 4 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में मानसून के सक्रिय से प्रबल रहने तथा अधिकांश क्षेत्रों में वर्षा गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि का पूर्वानुमान जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त दक्षिण-पूर्वी हवाओं तथा 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाले नए पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में व्यापक वर्षा होने की संभावना है। 1 से 3 जुलाई तक अधिकांश स्थानों तथा 4 से 6 जुलाई तक अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा के साथ गरज-चमक की संभावना व्यक्त की गई है।विशेष रूप से 1 जुलाई को पिथौरागढ़ जनपद सहित टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चम्पावत एवं ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।

पर्वतीय क्षेत्रों में आकाशीय बिजली चमकने, गरज-चमक के साथ अत्यंत तीव्र वर्षा तथा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी वर्षा के कारण भूस्खलन, चट्टान गिरने, मलबा आने, सड़क एवं राजमार्ग अवरुद्ध होने, नदियों एवं गदेरों का जलस्तर बढ़ने, फ्लैश फ्लड, निचले क्षेत्रों में जलभराव तथा विद्युत एवं पेयजल जैसी आवश्यक सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका है। चारधाम यात्रा मार्गों सहित पर्वतीय सड़कों पर आवागमन भी प्रभावित हो सकता है।

मौसम विभाग ने आमजन से अपील की है कि मौसम संबंधी ताज़ा चेतावनियों पर नियमित नजर रखें, अनावश्यक यात्रा से बचें, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों एवं जलभराव वाले स्थानों से दूर रहें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसानों को खेतों से अतिरिक्त जल निकासी की व्यवस्था करने तथा कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह भी दी गई है।