पिथौरागढ़। राजकीय इंटर कॉलेज पीपलकोट में गुरुवार को विकासखंड स्तरीय विज्ञान महोत्सव–2026 का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। महोत्सव का मुख्य विषय “सतत एवं विकसित भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार” रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना, नवाचार को प्रोत्साहित करना तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से समाज की समस्याओं के समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी मूनाकोट श्री विक्रम सिंह पाल एवं विशिष्ट अतिथि उप शिक्षा अधिकारी मूनाकोट श्री बलवंत नाथ सहित अन्य अतिथियों द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं आयोजन संयोजक श्री ज्वाला प्रकाश भट्ट, राजकीय शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष श्री राजेंद्र प्रसाद पांडे तथा ब्लॉक महामंत्री श्री प्रेम प्रकाश खर्कवाल उपस्थित रहे।

महोत्सव के अंतर्गत बाल विज्ञान प्रदर्शनी एवं नाटक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बाल विज्ञान प्रदर्शनी में जूनियर एवं सीनियर वर्ग की सात-सात विधाओं में विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा, रचनात्मक सोच और नवाचार का प्रदर्शन किया। विभिन्न मॉडलों एवं वैज्ञानिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने सतत विकास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की उपयोगिता और जनजीवन में उनके महत्व को प्रस्तुत किया। विकासखंड मूनाकोट के विभिन्न विद्यालयों से लगभग 80 प्रतिभागियों ने महोत्सव में प्रतिभाग किया।

नाटक प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षिक विषयों को मंच पर अभिव्यक्त किया। प्रतियोगिता में राजकीय इंटर कॉलेज डूंगराकोट ने प्रथम, राजकीय इंटर कॉलेज दोबाँस ने द्वितीय तथा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज मूनाकोट ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

कार्यक्रम का संचालन श्री राजेंद्र सिंह खाती ने किया। महोत्सव के ब्लॉक समन्वयक श्री भीम सिंह कार्की रहे। विभिन्न प्रतियोगिताओं के निष्पक्ष एवं व्यवस्थित संचालन के लिए निर्णायक मंडल में डॉ. दीपक चंद्र कापड़ी , श्री गंगा प्रसाद पंत, श्री राजेंद्र प्रसाद पांडे, श्री दीपक राज जोशी, श्रीमती चंद्रा जोशी, श्रीमती अरुणा जोशी एवं श्रीमती आभा चंद शामिल रहे।

महोत्सव ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, वैज्ञानिक अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप देने तथा आपसी सहयोग एवं प्रतिस्पर्धा के माध्यम से सीखने का अवसर प्रदान किया। इस प्रकार का आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना, तार्किक चिंतन और नवाचार की भावना विकसित करने के साथ-साथ विकसित भारत के निर्माण में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण सिद्ध होता है।
विज्ञान प्रदेश में जूनियर तथा सीनियर वर्ग में प्रथम और द्वितीय स्थान पर रही प्रतिभागी जिला स्तर में प्रतिभा करेंगे जबकि नाटक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रही विद्यालय के छात्र जिला स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभा करेंगे