पिथौरागढ़ ।
4,500 मीटर की ऊंचाई पर विपरीत परिस्थितियों के बीच धावकों ने दिखाया दमखम, आदि कैलाश क्षेत्र को मिलेगी नई पर्यटन पहचान
जनपद पिथौरागढ़ की व्यास घाटी स्थित आदि कैलाश एवं गुंजी क्षेत्र में आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 का शुभारंभ आज सबेरे हो गया है। 70 किलोमीटर की अल्ट्रा मैराथन को पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल और मुख्य विकास अधिकारी डॉ दीपक सैनी ने हरि झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अल्ट्रा मैराथन जोलिंगकांग से प्रारंभ हुई।
गूंजी से शुरू हुई 42 किलोमीटर वाली मैराथन को दर्जा राज्य मंत्री अशोक नबियाल और उपजिलाधिकारी धारचूला आशीष जोशी ने हरि झंडी दिखाकर रवाना किया। धावकों ने नशा मुक्त समाज बनाने की शपथ भी ली। सुबह करीब 6:40 बजे आदि कैलाश से 70 किलोमीटर की अल्ट्रा मैराथन दौड़ शुरू हुई। लगभग 4,500 मीटर की ऊंचाई पर आयोजित इस चुनौतीपूर्ण दौड़ में देशभर के धावक उत्साह के साथ प्रतिभाग कर रहे हैं। कम तापमान, कम ऑक्सीजन, दुर्गम पहाड़ी रास्तों और विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद धावकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
इस वर्ष मैराथन में देश के 26 राज्यों के लगभग 1,100 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। पिछले वर्ष आयोजित प्रथम संस्करण में करीब 750 धावकों ने हिस्सा लिया था। प्रतिभागियों की संख्या में हुई वृद्धि से आदि कैलाश क्षेत्र में एडवेंचर टूरिज्म की बढ़ती लोकप्रियता और संभावनाएं प्रदर्शित हो रही हैं।
70 किलोमीटर की दौड़ आदि कैलाश से शुरू होकर छियालेख तक पहुंचेगी
आयोजन के अंतर्गत 70 किलोमीटर की मुख्य मैराथन आदि कैलाश से प्रारंभ होकर छियालेख तक जाएगी और गुंजी में समाप्त होगी। महिला एवं पुरुष प्रतिभागियों के लिए अलग-अलग आयु वर्गों में प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने किया धावकों का उत्साहवर्धन
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने ऑनलाइन माध्यम से प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए आयोजन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आदि कैलाश क्षेत्र में आयोजित इस तरह के आयोजनों से उत्तराखंड की पहचान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होती है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रदेश में आयोजित पहली हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा रन में 22 राज्यों के धावकों ने प्रतिभाग किया था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस आयोजन का उल्लेख किया था, जिसके बाद क्षेत्र के प्रति पर्यटकों और श्रद्धालुओं का आकर्षण बढ़ा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य है कि उत्तराखंड राज्य में पर्यटन को बढ़ाकर लोगों की आजीविका को समृद्ध किया जाए।
आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 के माध्यम से सीमांत क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, साहसिक पर्यटन की संभावनाओं और उत्तराखंड की विशिष्ट भौगोलिक पहचान को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने का अवसर मिल रहा है। यह आयोजन स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ क्षेत्र की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।