जिलाधिकारी, पिथौरागढ़, श्री आशीष कुमार भटगांई ने निर्देश देते हुए बताया है कि 09 जनवरी, 2026 को जिले के ग्राम पंचायत पाभैं, धारी और डुंगरा में राशन कार्ड धारकों को वितरित चावल की गुणवत्ता संदिग्ध पाई गई है। प्राप्त शिकायतों के अनुसार, राशन में वितरित चावल खराब गुणवत्ता वाले थे, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य और पोषण के दृष्टिकोण से गंभीर हैं।इस घटना के मद्देनजर, जिलाधिकारी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उप जिलाधिकारी, पिथौरागढ़ को निर्देशित किया है कि वे दो दिन के भीतर विस्तृत जाँच आख्या प्रस्तुत करें। जाँच में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वितरण प्रक्रिया में कोई अनियमितता या लापरवाही तो नहीं हुई, राशन सामग्री की गुणवत्ता और भंडारण का मानक उचित था या नहीं, और दोषपूर्ण वितरण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों या कर्मचारियों की पहचान की जाए। साथ ही, जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने खंड/मंडल में स्थित खाद्यान्न गोदामों और सस्ता गल्ला विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करें और तीन दिन के भीतर विस्तृत निरीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध कराएँ। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि आने वाले समय में जिले में राशन वितरण की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे।जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी, पिथौरागढ़ को भी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं, ताकि दोषपूर्ण राशन वितरण की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।जिलाधिकारी ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की खराब गुणवत्ता वाले राशन की शिकायत तुरंत उप जिलाधिकारी या जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में दर्ज कराएँ। जिला प्रशासन इस मामले में पूर्ण पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।