श्रद्धालुओं की यात्राएं बनें, सरल-सुखद और सुरक्षित, बेहतर भीड़ प्रबंधन और अन्य सभी व्यवस्थाएं हों चाक चौबंद*
*वर्तमान में धार्मिक स्थलों के संचालित कार्यों को शीघ्रता से कराते हुए सौंदर्यीकरण के दीर्घकालिक प्रस्ताव भी भेजे जाएं
हल्द्वानी 20 जनवरी 2026- (सू.वि.) मंडलायुक्त दीपक रावत ने प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण तथा धार्मिक यात्राओं को सरल, सुखद और सुरक्षित बनाने हेतु कुमाऊं मंडल के सभी डीएम, एसएसपी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक वीडियो कॉन्फ्रेनिंग के माध्यम से की गई। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि विभिन्न जनपदों में स्थित धार्मिक स्थलों यथा-कैंची धाम, मां गर्जिया देवी, जागेश्वर, मां पूर्णागिरी,हाट कालिका, बागनाथ आदि प्रमुख धार्मिक स्थलों में दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भीड़ एवं व्यवस्था प्रबंधन के प्रभावी उपाय किए जाएं। धार्मिक स्थलों पर क्षमता के आधार पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का पूर्वानुमान लगाते हुए चरणबद्ध तरीके से श्रद्धालुओं को नियंत्रित संख्या में धार्मिक स्थल के परिसर में प्रवेश की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाय। श्रद्धालुओं के जन-समूह को नियंत्रित करने हेतु पर्याप्त मानव संसाधन, सुरक्षा व्यवस्था एवं महत्वपूर्ण पर्वो पर विशेष सुरक्षा एवं प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। भीड़ की रियल-टाइम मॉनिटरिंग हेतु सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए तथा महत्वपूर्ण स्थानों पर हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे लगाए जाएं। मजबूत बैरिकेट्स की व्यवस्था की जाए। शॉर्ट टर्म कार्यों जैसे बैरिकेडिंग, पार्किंग प्रबंधन, पैदल मार्ग की सुगमता, दिशा-पट्टीकरण, प्रथम चिकित्सा व्यवस्था आदि को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किया जाए एवं संबंधित विभाग नियमित रूप से इसकी निगरानी सुनिश्चित करें।भविष्य की स्थायी व्यवस्था हेतु लॉन्ग टर्म परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार कर 15 दिन के भीतर भेजे जाएं, जिनमें यातायात व्यवस्था सुधार, पार्किंग क्षमता एवं विस्तार, सड़क चौड़ीकरण, आपदा सुरक्षा उपकरण, तकनीकी एकीकरण एवं इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम सम्मिलित हों। उन्होंने निर्देश दिए कि सुरक्षात्मक तथा बुनियादी ढांचे की कमी का आंकलन करते हुए मूलभूत सुविधाओं यथा पेयजल, शौचालय, प्राथमिक उपचार, बैरिकेट्स, पार्किंग एवं प्रतीक्षालय / विश्राम स्थल इत्यादि सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाय। उन्होंने निर्देश दिए कि आधुनिक डिजीटल सुविधाओं यथा एआई आधारित हेड काउंट एवं घनत्व निगरानी उपकरणों, वास्तविक समय निगरानी प्रणाली व सेंसर सहित इंटरनेट ऑफ थिंग्स उपकरण एवम् सर्विलांस सिस्टम आदि को उपयोग में लाया जाएं। आपदा/आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने हेतु कार्य योजना तथा स्थानीय पुलिस/अग्नि शमन सेवा और एस.डी.आर.एफ. के साथ समन्वय स्थापित किया जाय एवं आपातकालीन निकासी मार्ग की व्यवस्था की जाय। विद्युत सुरक्षा एवं अग्नि सुरक्षा की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करते हुए ऑडिट का प्राविधान किया जाय। धार्मिक यात्रा सबंधी दीर्घकालिक एवं तत्कालिक कार्यों को श्रेणीबद्ध करते हुए तत्काल प्रारम्भ किये जाने वाले कार्यों को त्वरित गति से सम्पादित किया जाय। इस दौरान पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने कहा कि आवश्यकता अनुसार क्रेन, जेसीबी एवं अन्य यांत्रिक संसाधनों की डिमांड अग्रिम रूप से करें ताकि स्थल पर किसी भी आपात स्थिति में तुरंत उपयोग किया जा सके। उन्होंने मेले एवं विभिन्न पर्वों के दौरान कैंचीधाम में होने वाली अधिक भीड़ के नियंत्रण हेतु हल्द्वानी से सटल सेवा शुरू करने के लिए पार्किंग स्थल भी चयनित करने के निर्देश दिए।वीसी में एसएसपी नैनीताल डॉ.मंजूनाथ टीसी ने कैंची धाम, गर्जिया देवी मंदिर से संबंधित, जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार ने मां पूर्णागिरी मंदिर से सम्बन्धित तथा जिलाधिकारी अल्मोड़ा अंशुल सिंह ने जागेश्वर धाम से संबंधित विभिन्न विषयों एवं तैयारियों से संबंधित जानकारियों के बारे में विस्तार से बताया। वीसी में जिलाधिकारी उधमसिंह नगर नितिन भदौरिया अल्मोड़ा अंशुल सिंह, चंपावत मनीष कुमार,पिथौरागढ़ आशीष भटगाई, बागेश्वर आकांक्षा कोंडे, एसएसपी नैनीताल मंजूनाथ टीसी सहित सभी जिलों के एसपी, एसएसपी अन्य अधिकारी उपस्थित रहे ।

