खाद्य सुरक्षा में लापरवाही नहीं चलेगी: डीएम का स्पष्ट संदेश
जनपद में स्वच्छ भोजन की गारंटी: डीएम का कड़ा रुख
स्कूल–आंगनबाड़ी किचन पर सख्ती: रजिस्ट्रेशन नहीं तो कार्रवाई तय
पिथौरागढ़, 21 जनवरी 2026, सूचनाजिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलास्तरीय सलाहकार समिति (सुरक्षित भोजन एवं स्वस्थ आहार) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में खाद्य सुरक्षा को लेकर जनपद में की गई कार्यवाहियों की गहन समीक्षा की गई तथा भविष्य की ठोस रणनीति तय की गई।सहायक आयुक्त, जिला खाद्य सुरक्षा आर.के. शर्मा ने अवगत कराया कि 05 सितंबर 2025 से 19 जनवरी 2026 तक खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अवधि में 37 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए, जिनमें जांच रिपोर्ट के आधार पर रसगुल्ला मिठाई एवं खोया बर्फी के दो नमूने मानकों के विपरीत पाए गए।मानकों के उल्लंघन पर खाद्य कारोबारकर्ताओं के विरुद्ध न्यायालय में वाद दायर किए गए। माननीय न्यायालय द्वारा दो मामलों का निस्तारण करते हुए कुल 3,70,000 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया, जिसमें गाय के घी प्रकरण में 1.40 लाख रुपये तथा मस्टर्ड ऑयल प्रकरण में 2.30 लाख रुपये का जुर्माना शामिल है।खाद्य लाइसेंस एवं पंजीकरण के अंतर्गत 157 लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन निर्गत किए गए, जिससे 1,80,700 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इस दौरान 61 निरीक्षण किए गए। वीआईपी भ्रमण के दौरान परोसे जाने वाले खाद्य एवं पेय पदार्थों की जांच, गुंजी मैराथन-2025 में विभागीय ड्यूटी तथा न्यायालयों में लंबित मामलों की प्रभावी पैरवी भी की गई।बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों एवं राजकीय विद्यालयों में मिड-डे मील के अंतर्गत संचालित रसोईघरों/कैंटीन का एफएसएस एक्ट-2006 के तहत पंजीकरण, स्लॉटर हाउस एवं पृथक मीट मार्केट का निर्माण, सड़कों के किनारे खुले में खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक तथा एक्सपायरी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर नियंत्रण जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग को नियमित व सघन निरीक्षण अभियान चलाने, सड़क किनारे एवं खुले में खाद्य पदार्थों की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने तथा मानकविहीन व एक्सपायरी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध सख्त एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों एवं राजकीय विद्यालयों में संचालित सभी रसोईघरों/कैंटीन का अनिवार्य रूप से एफएसएस एक्ट-2006 के तहत पंजीकरण शीघ्र पूर्ण कराने के सख्त निर्देश दिए, ताकि बच्चों को सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही जिन क्षेत्रों में स्लॉटर हाउस उपलब्ध नहीं हैं, वहां स्थानीय निकायों द्वारा चरणबद्ध कार्ययोजना के तहत स्लॉटर हाउस एवं पृथक मीट मार्केट के निर्माण के निर्देश भी दिए गए।जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए जनपद में स्वच्छ, सुरक्षित एवं शुद्ध खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से आम नागरिकों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।बैठक में अपर चिकित्सा अधिकारी डॉ अर्चना कौशिक, मुख्य शिक्षाधिकारी हरक राम कोहली, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र कविता भगत, जिला कार्यक्रम अधिकारी निर्मल बसेड़ा, पवन जोशी एवं राजेंद्र भट्ट सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

