धारचूला (पिथौरागढ़ )। सोमवार को पंचशूल ब्रिगेड के कमांडर द्वारा रं म्यूजियम में स्तिथ ऐतिहासिक रं पुस्तकालय के नवीनीकरण का शुभारंभ किया गया। इस पहल का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में ज्ञान, शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है। कुमाऊँ क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा रंग पुस्तकालय लंबे समय से स्थानीय समुदाय, विद्यार्थियों और युवाओं के लिए अध्ययन एवं ज्ञान का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।
इसके नवीनीकरण के माध्यम से पुस्तकालय को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर अध्ययन वातावरण और अधिक संसाधन उपलब्ध हो सकें। भारतीय सेना की यह पहल केवल अवसंरचना के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार और युवाओं को प्रेरित करना भी है।पंचशूल ब्रिगेड द्वारा उठाया गया यह कदम भारतीय सेना की “राष्ट्र निर्माण में सहभागिता” की भावना को सुदृढ़ करता है और समाज के साथ उसके मजबूत संबंधों को दर्शाता है।
रं पुस्तकालय के नवीनीकरण के शुभारंभ संस्था के पदाधिकारियों ने सेना के अधिकारियों को पगड़ी पहनाकर स्वागत किया.दर्जा राज्य मन्त्री अशोक सिंह नबियाल ने कहा कि साहित्य एवं संस्कार ही इतिहास एवं परंपरा के वाहक हैं। ब्लॉक प्रमुख मंजुला बुदियाल ने रं पुस्तकालय के नवीनीकरण से बच्चों का आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
संस्था के और से अध्यक्ष प्रकाश सिंह गुंजयाल महेंद्र ह्यांकी, पूर्व आइजी विमला गुंज्याल ने पारंपरिक कूंचा की झांकी का स्मृति चिन्ह एवं किताब सेना के अधिकारियों को भेंट की। विविध अतिथियों को भी स्मृति चिन्ह भेंट की गई। कार्यक्रम का संचालन पूर्व अध्यक्ष कृष्णा गर्ब्याल ने किया।
इस अवसर पर प्राथमिक विद्यालय कुटी के बच्चों ने स्वागत गीत एवं वंदना तथा महिला मंगल दल बॉलिंग ने स्वागत गीत प्रस्तुत की।इस दौरान भूपेंद्र थापा, अरविन्द खैर, दीपक रोकली,महीराज गर्बयाल,खुशाल गरखाल, डीके फकलियाल,भागेश्वरी गर्बयाल,आभा फकलियाल, सहित कई लोग मौजूद रहे
