बेरीनाग क्षेत्र में बेलकोट ग्राम के निवासी गोकुलानंद पांडेय और जानकी पांडेय के पुत्र कमलेश पांडेय ने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। एल०एस०एम०राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पिथौरागढ़ के शोध छात्र कमलेश पांडेय को कुमाऊं विश्वविद्यालय द्वारा इतिहास विषय में पी०एचडी० की उपाधि प्रदान की गयी है।
उन्हें यह उपाधि “भारतीय स्वाधीनता संग्राम में गंगावली क्षेत्र का योगदान 1857-1947(जनपद पिथौरागढ़ के विशेष संदर्भ में)”विषय में शोध कार्य के लिए दी गयी है। उन्होंने अपना शोध कार्य प्रोफेसर(डॉ०)प्रेमलता काण्डपाल पंत , इतिहास विभाग,संत नारायण स्वामी राजकीय महाविद्यालय नारायण नगर(पिथौरागढ़) के सफल निर्देशन में पूर्ण किया। कमलेश बचपन से ही होनहार रहे हैं ।
वर्तमान में वह राजकीय बालिका आश्रम पद्धति विद्यालय विद्यालय गोठी (छारछुम),पिथौरागढ़ में सहायक अध्यापक हिंदी के पद पर कार्यरत हैं।इनके शोध प्रबंध में गंगावली क्षेत्र के 35 स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को ऐतिहासिक दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत किया गया है। शोध प्रबंध में गंगावली क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, सामाजिक संरचना के साथ आर्थिक परिदृश्य को सावधानीपूर्वक प्रस्तुत किया गया है।
भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन में गंगावली क्षेत्र के व्यापक प्रभाव को विश्लेषित किया गया है। शोध में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान व उनके नेतृत्व शक्ति को रेखांकित किया गया है।गंगावली क्षेत्र उपराड़ा, भेरंग, पोखड़ पीपलतड़, भहीगाँव, में हुई जन सभायें एवं आजाद हिन्द फौज की भूमिका को नये दृष्टांतों एवं तथ्यों सहित प्रस्तुत किया गया जो शोध की मौलिकता एवं उपादेयता के महत्व को दर्शाती है।
शोध प्रबंध की मौलिकता एवं कार्य की सभी ने प्रशंसा की है। उनकी इस उपलब्धि पर संपूर्ण गंगावली क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। कमलेश के पिता शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हैं।उनकी माता गृहिणी हैं।उनके बड़े भाई दीप पांडेय साधना इंटर कॉलेज ,बेरीनाग में कार्यरत हैं।
उनकी इस उपलब्धि पर निदेशक जनजाति कल्याण विभाग,उत्तराखंड श्री संजय टोलिया,अपर निदेशक श्री योगेंद्र रावत,टी०आर०आई०राज्य समन्वयक श्री राजीव सोलंकी, गंगोलीहाट विधानसभा के विधायक माननीय फकीर राम टम्टा सहित पूर्व विधायक नारायण राम आर्य, उ०मु०वि०वि० क्षेत्रीय निदेशक बृजेश बनकोटी,पूर्व जिलाध्यक्ष हिंदू जागरण मंच ,अल्मोड़ा नमित कुमार शर्मा,जिला जनजाति कल्याण अधिकारी ,पिथौरागढ़ डॉ० डी०पी०एस० राठौर, ए०टी०एस०गोठी(छारछुम) के प्रधानाचार्य सहित उनके साथी शिक्षकों, परिवारीजनों,इष्ट मित्रों और शुभ चिंतको ने प्रसन्नता व्यक्त की।
