पांडा फार्म स्थित डीआईबीईआर संस्थान का किया निरीक्षण, अनुसंधान एवं कृषि नवाचारों की ली जानकारी
जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने शुक्रवार को पांडा फार्म स्थित रक्षा जैव-ऊर्जा अनुसंधान संस्थान (Defence Institute of Bio-Energy Research-DIBER) का निरीक्षण कर संस्थान में संचालित विभिन्न अनुसंधान गतिविधियों एवं कृषि नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने संस्थान में विकसित उन्नत कृषि प्रजातियों, हर्बल औषधियों, कल आधुनिक तकनीकों तथा अनुसंधान कार्यों का अवलोकन करते हुए वैज्ञानिकों से विस्तृत चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि डीआईबीईआर द्वारा उच्च हिमालयी एवं सीमावर्ती क्षेत्रों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे अनुसंधान अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा विकसित उन्नत प्रजातियों, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा अनुसंधान के परिणामों का लाभ जनपद के किसानों एवं आम नागरिकों तक भी प्रभावी रूप से पहुंचना चाहिए, ताकि स्थानीय कृषि को नई दिशा मिले और किसानों की आय में वृद्धि हो सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीआईबीईआर एवं विकास भवन के संबंधित विभागों के मध्य निरंतर समन्वय स्थापित किया जाए, जिससे कृषि, उद्यान, आजीविका एवं ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यक्रमों में संस्थान की तकनीकी विशेषज्ञता का अधिकतम उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान को खेतों तक पहुंचाने के लिए संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जाए तथा किसानों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण, प्रदर्शन एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से संस्थान को आवश्यकतानुसार हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिला प्रशासन एवं डीआईबीईआर के बीच बेहतर समन्वय से सीमांत जनपद के किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती अपनाने का अवसर मिलेगा, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा तथा स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
संस्थान के विशेषज्ञ डॉ संजय मोहन गुप्ता ने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के अधीन संचालित डीआईबीईआर उच्च ऊंचाई एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों की ऊर्जा, पोषण तथा कृषि संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जैव-प्रौद्योगिकी एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अनुसंधान करता है। पिथौरागढ़ स्थित इसका फील्ड स्टेशन स्थानीय किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत फसल उत्पादन तथा नवाचार आधारित खेती के लिए तकनीकी सहयोग एवं प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराता है।
इस दौरान उपजिलाधिकारी सदर जितेंद्र वर्मा, संस्थान के अधिकारी मानवेंद्र सिंह बिष्ट सहित अन्य संबंधित उपस्थित रहे।
जिला सूचना अधिकारी पिथौरागढ़।
