पिथौरागढ़। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बेरीनाग (पिथौरागढ़) से पंजीकृत शोधार्थी डॉ. मेघा आगरी ने भौतिकी विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर अपने परिवार, गांव एवं पूरे जनपद का गौरव बढ़ाया है। अपने पैतृक गांव चौखूना की वह पहली महिला हैं, जिन्होंने पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर इतिहास रचा है।
डॉ. मेघा आगरी ने राजकीय महाविद्यालय, शीतलाखेत (अल्मोड़ा) के भौतिक विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एवं प्राचार्य डॉ. एल. पी. वर्मा के कुशल निर्देशन में “Effect of the Magnetic Field of the Sun in our Atmosphere” (हमारे वायुमंडल पर सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र का प्रभाव) विषय पर अपना शोध कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
शोध की अंतिम मौखिक परीक्षा (Viva-Voce) 29 जुलाई 2026 को प्रो. अमित पाठक, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), वाराणसी द्वारा बाह्य परीक्षक के रूप में संपन्न कराई गई। सफल मौखिक परीक्षा के उपरांत उन्हें पीएचडी (PhD) की उपाधि प्रदान किए जाने की घोषणा की गई।
डॉ. मेघा आगरी की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर उनके माता-पिता श्रीमती हेमा आगरी एवं श्री गिरीश सिंह आगरी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया। उनके पति श्री विपिन कुमार, Father-in-law भुवेंद्र प्रसाद तथा Mother-in-law रेखा चंदेला ने भी उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर उनके भाई अभिषेक आगरी एवं अरुण आगरी सहित समस्त परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने भी इस सफलता पर हर्ष व्यक्त किया।
विश्वविद्यालय में आयोजित बधाई समारोह में प्रो. पी. एस. बिष्ट, डॉ. फुलोरिया, प्रो. यादव, प्रो. जगत सिंह, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों, प्राध्यापकों एवं शोधार्थियों ने डॉ. मेघा आगरी को पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने पर शुभकामनाएं देते हुए इसे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण एवं प्रेरणादायी उपलब्धि बताया।
