छः पट्टी सोर के आराध्य एवं आस्था, विश्वास और समृद्धि के प्रतीक मोस्टा देवता के प्रांगण में आयोजित मुख्य मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। देव डोला उठते ही पूरा मेला परिसर मोस्टा देवता के जयकारों से गूंज उठा। अवतरित हुए देव डांगरों से आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। लोगों ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मोस्टामानू मंदिर में तड़के से ही पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरु हो गया था। मेले में विभिन्न क्षेत्रों से आए दुकानदारों ने दुकानें सजाईं। मेरठ से आए कृषि उपकरण और घरेलू उपयोग के बर्तन तथा चित्तौड़गढ़ से आए उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहे।

वहीं ककड़ी, जलेबी, चाट और चाउमीन समेत स्थानीय खाद्य पदार्थों की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ रही।डिजिटल कैलेंडर चुनेंबच्चों के लिए लगाए गए रंग-बिरंगे गुब्बारे, खिलौने और झूले भी आकर्षण का केंद्र बने रहे। नैनो कार, मिकी माउस, जंपिंग और खास झूले का बच्चों ने खूब आनंद लिया। विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी के स्टालों पर लोगों ने योजनाओं और विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां देकर समां बांधा।

कैलाश कुमार की प्रस्तुति ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया। स्थानीय कलाकारों बबीता देवी, आयुष कुमार, ललित मोहन, इसिता, लक्षिता, मोहन राम, पुष्कर सिंह मारकाना और नारायण सोराड़ी ने भी प्रस्तुतियां दीं। योग शिक्षक अनिल चंद ने योग की प्रस्तुति देकर लोगों को योग के प्रति जागरुक किया। मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा मुख्य प्रवक्ता सुरेश जोशी मौजूद रहे।

उनके साथ भाजपा प्रदेश मंत्री दीपिका बोहरा, पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेंद्र सिंह रावत समेत अन्य लोग मौजूद रहे।मेले को सफल बनाने में मेला संयोजक वीरेंद्र सिंह बोहरा, मंदिर कमेटी अध्यक्ष भगवान बिष्ट, सुभाष जोशी, चंद्र सिंह बिष्ट, पंकज बिष्ट, गोविंद सिंह बिष्ट, दिलीप वल्दिया, नवीन भट्ट, गिरीश जोशी, जसवंत सिंह बिष्ट और पूरन पाटनी समेत अन्य लोगों ने सहयोग किया। संचालन कैप्टन दीवान सिंह वल्दिया और ललित शौर्य ने किया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए मेले में पुलिस बल तैनात रहा।