पिथौरागढ़, ।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, सभी योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से जनता तक पहुंचे— जिलाधिकारी
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, मुख्यमंत्री घोषणाओं का शीघ्र क्रियान्वयन एवं जिला योजना के कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश
जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला योजना 2026–27, 20-सूत्रीय कार्यक्रम, 25-सूत्रीय कार्यक्रम, माननीय मुख्यमंत्री की घोषणाओं तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (1905) की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की विभागवार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में जिलाधिकारी ने माननीय मुख्यमंत्री द्वारा जनपद के विकास के लिए की गई विभिन्न घोषणाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों से प्रत्येक घोषणा की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्यों को शीघ्र धरातल पर उतारना सुनिश्चित करें, जिससे जनपदवासियों को योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त हो सके।
जिला योजना 2026–27 की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिला योजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों को स्वीकृत बजट आवंटित किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत कार्यों को तत्काल प्रारंभ करते हुए धनराशि का समयबद्ध एवं नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा प्रत्येक कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण होना चाहिए। साथ ही निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी कर प्रगति की सूचना समय-समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने जिला योजना 2026-27 की समीक्षा के दौरान प्राप्त बजट के सापेक्ष कम वित्तीय प्रगति वाले विभागों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभाग निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप बजट का समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत सदुपयोग सुनिश्चित करते हुए वित्तीय प्रगति में तेजी लाएं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो तथा विभागीय अधिकारी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ प्रत्येक कार्य की प्रगति के हाई-रिजॉल्यूशन फोटोग्राफ सुरक्षित रखे जाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के एस्टीमेट तैयार करते समय धरातलीय आवश्यकताओं एवं तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए तथा कार्यों में निर्धारित गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। साथ ही, प्रत्येक निर्माण कार्य स्थल पर कार्य की लागत, स्वीकृति, कार्यदायी संस्था, प्रारंभ एवं पूर्ण होने की निर्धारित तिथि सहित आवश्यक विवरण वाला सिटीजन इन्फॉर्मेशन बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाया जाए, ताकि आम नागरिकों को कार्य के संबंध में पारदर्शी एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध हो सके।
20-सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने उन विभागों पर विशेष नाराजगी व्यक्त की जिनकी प्रगति अभी भी ‘बी’, ‘सी’ एवं ‘डी’ श्रेणी में है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित मॉनिटरिंग तथा बेहतर प्रदर्शन के माध्यम से अपने विभागों को शीघ्र ‘ए’ श्रेणी में लाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर जनपद की रैंकिंग विभागों के प्रदर्शन पर आधारित होती है, इसलिए प्रत्येक विभाग लक्ष्य प्राप्ति के प्रति पूरी गंभीरता से कार्य करे।
25-सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक बिना किसी विलंब के पहुंचना चाहिए तथा सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दें।
माननीय मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (1905) एवं जनशिकायतों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों पर स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग साप्ताहिक स्तर पर लंबित शिकायतों की समीक्षा करे तथा उनका त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि केवल शिकायत का निस्तारण दर्ज कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता से संपर्क कर फीडबैक प्राप्त किया जाए तथा उन्हें किए गए समाधान से संतुष्ट भी किया जाए। जिन विभागों में शिकायतों का निस्तारण संतोषजनक नहीं पाया जाएगा, उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान है। सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ करें तथा यह सुनिश्चित करें कि किसी भी योजना अथवा शिकायत के निस्तारण में अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने सभी विभागों को नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में सीडीओ डॉ0 दीपक सैनी,परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास आशीष पुनेठा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 जेएस चुफाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी राजकुमार,जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी निरंजन प्रसाद, सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
