पिथौरागढ़। 9 कुमाऊं रेजीमेंट के पूर्व सैनिक एवं आतंकवाद विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले 72 वर्षीय नायक सुरेंद्र सिंह का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार शाम उनके पैतृक निवास खाकर में निधन हो गया। शुक्रवार प्रातः पूर्व सैनिक संगठन पिथौरागढ़ के नेतृत्व में उन्हें सैन्य सम्मान एवं भावभीनी श्रद्धांजलि के साथ अंतिम विदाई दी गई।
नायक सुरेंद्र सिंह के निधन की खबर से पूर्व सैनिक समाज में शोक की लहर छा गई। शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक उनके नैनी सैनी स्थित आवास पर पहुंचे। पूर्व सैनिक संगठन की ओर से उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे से सम्मानित किया गया तथा 9 कुमाऊं रेजीमेंट के ही बलवंत सिंह साहब द्वारा पूर्व सैनिक संगठन के माध्यम से पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। इसके पश्चात पूर्व सैनिकों ने सैन्य परंपरा के अनुरूप अंतिम सलामी दी।
भारत माता की जय के जयघोष के बीच निकली अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। भावपूर्ण माहौल में निकली इस अंतिम यात्रा को देखकर उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं। एक पूर्व सैनिक को दी गई यह सम्मानपूर्ण विदाई उनके देश के प्रति समर्पण और सैन्य सेवा की गौरवशाली परंपरा की याद दिला रही थी।
नायक सुरेंद्र सिंह वर्ष 1974 में भारतीय सेना की 9 कुमाऊं रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। अपने 17 वर्ष की सैन्य सेवाकाल के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश और असम जैसे चुनौतीपूर्ण एवं दुर्गम क्षेत्रों में देश की सेवा की। आतंकवाद विरोधी अभियानों में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कई अवसरों पर स्पेशल टास्क टीम का हिस्सा रहकर जिम्मेदारी निभाई।
उनकी सैन्य सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण रही। सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका पूर्व सैनिक समाज से निरंतर जुड़ाव रहा और साथी सैनिकों के बीच उनका विशेष सम्मान था।
नायक सुरेंद्र सिंह की अंतिम यात्रा में उपाध्यक्ष रमेश सिंह महर,ललित मोहन जोशी, केदार सिंह, भूपाल सिंह, कमान सिंह गोविन्द सिंह, दिवाकर बोहरा, ललित रावत, राजेंद्र कार्की, प्रहलाद सिंह सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, सैनिक परिवारों के सदस्य, एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके देशसेवा के योगदान को याद किया।
अंतिम संस्कार रामगंगा घाट पर सैन्य एवं सामाजिक सम्मान के साथ संपन्न हुआ, जहां वर्तमान में 9 कुमाऊं रेजीमेंट में कार्यरत उनके बड़े पुत्र नायक महेंद्र सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी।
पूर्व सैनिक संगठन पिथौरागढ़ ने नायक सुरेंद्र सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन ने अपने एक समर्पित, कर्मठ और देशसेवा को जीवन का उद्देश्य मानने वाले साथी को खो दिया है। उनकी सैन्य सेवा, साहस और समर्पण सदैव पूर्व सैनिक समाज तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
