पिथौरागढ़। जनपद पिथौरागढ़ में स्थापित 130 पर्यावरण बटालियन के विस्थापन के विरोध में पूर्व सैनिक संगठन द्वारा चलाया जा रहा धरना-प्रदर्शन आज पांचवें दिन भी प्रचंड रोष और जनसमर्थन के साथ जारी रहा। सीमांत जनपद के पूर्व सैनिक लगातार धरना स्थल पर डटे हुए हैं, किंतु अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब तक शासन, प्रशासन और सरकार द्वारा उनकी कोई सुध नहीं ली गई।
धरने को दिन-प्रतिदिन व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों, बुद्धिजीवी वर्ग, वरिष्ठ नागरिकों तथा आम जनमानस द्वारा आंदोलन को खुला समर्थन दिया जा रहा है। संगठन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि शांतिपूर्ण तरीके से उठाई जा रही मांगों को अनसुना किया गया, तो आंदोलन को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
संगठन के उपाध्यक्ष रमेश सिंह महर साहब द्वारा तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जो सैनिक अपने जीवन का स्वर्णिम समय देश की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए समर्पित कर चुके हैं, आज उसी सैनिक समाज की उपेक्षा सीमांत जनपद में की जा रही है। धरना स्थल से मात्र कुछ दूरी पर बैठे प्रशासनिक अधिकारी तक संवाद करने की आवश्यकता नहीं समझ रहे — यह न केवल पूर्व सैनिकों का अपमान है बल्कि पूरे सैनिक सम्मान पर आघात है। प्रदेश और केंद्र सरकार का मौन रहना और तमाशबीन बने रहना अत्यंत पीड़ादायक है।
पूर्व सैनिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को उग्र रूप देने पर विचार किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और सरकार की होगी। जनपद के सैन्य इतिहास में यह पहली घटना है जब पूर्व सैनिक इस स्तर पर धरने के लिए मजबूर हुए हैं। विडंबना यह है कि चुनावी मौसम में सैनिक सम्मान के नाम पर राजनीति करने वाले आज वास्तविक सैनिक मुद्दे पर मौन हैं।
संगठन ने यह भी घोषणा की है कि भविष्य में शासन-प्रशासन द्वारा आयोजित किसी भी सैनिक सम्मान कार्यक्रम का जनपद स्तर पर पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा।
आज आंदोलन को समर्थन देने वालों में प्रमुख रूप से —
श्री विपिन जोशी (अध्यक्ष, जिला पतंजलि योग समिति),
श्री चंद्रशेखर पुनेरा (जिला अध्यक्ष, उत्तराखंड क्रांति दल),
श्री सुशील पांडे (वरिष्ठ नेता, उत्तराखंड क्रांति दल),
श्रीमती भावना नगरकोटी (जिला अध्यक्ष, महिला कांग्रेस),
श्री मुकेश पंत (जिला अध्यक्ष, कांग्रेस),
श्री महेंद्र सिंह लुंगी (पूर्व दर्जा राज्य मंत्री),
श्रीमती रईसा बानो (महामंत्री, महिला कांग्रेस),
श्री भूपेश नगरकोटी (पूर्व प्रधान दौला),
श्री राजेंद्र भट्ट (राज्य आंदोलनकारी),
श्रीमती पदमा बिष्ट (प्रदेश महासचिव, कांग्रेस),
श्री शमशेर सिंह महर,
सूबेदार प्रेम चंद,
सूबेदार मेजर गोविंद सिंह बिष्ट,
कैप्टन दीवान सिंह (सेना मेडल)
सहित सैकड़ों पूर्व सैनिक एवं नागरिक उपस्थित रहे।

