मॉक अभ्यास के जरिए आपदा प्रबंधन क्षमता को किया जाएगा मजबूत

18 मार्च को मॉक ड्रिल, प्रशासन ने कसी कमर

विभागों के समन्वय व त्वरित प्रतिक्रिया का होगा परीक्षण: मॉक अभ्यास

पिथौरागढ़ |
राज्य स्तरीय मॉक अभ्यास के माध्यम से आपदा प्रबंधन तंत्र को सुदृढ़ करने की पहल
जनपद पिथौरागढ़ में आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सशक्त, प्रभावी एवं त्वरित प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से दिनांक 18 मार्च 2026 को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के तत्वावधान में राज्य स्तरीय मॉक अभ्यास का आयोजन किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण पहल के माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने, उपलब्ध संसाधनों की उपयोगिता का परीक्षण करने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई की तैयारियों का व्यापक आकलन किया जाएगा।
इसी क्रम में आज अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में 18 मार्च को आयोजित होने वाली मॉक ड्रिल के सफल क्रियान्वयन हेतु एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मॉक अभ्यास की रूपरेखा, विभागीय जिम्मेदारियों, संसाधनों की उपलब्धता तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
अपर जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे मॉक अभ्यास को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित कार्यक्रमानुसार अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास वास्तविक आपदा परिस्थितियों से निपटने की तैयारी को परखने का एक प्रभावी माध्यम होते हैं, अतः इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
कार्यक्रम के अंतर्गत 17 मार्च 2026 को अपराह्न 12:00 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में टेबल टॉप एक्सरसाइज (Table Top Exercise) आयोजित की गई, जिसमें संभावित आपदा परिदृश्यों पर आधारित रणनीतियों एवं विभागीय कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। इसके उपरांत 18 मार्च 2026 को प्रातः 10:00 बजे फील्ड स्तर पर मॉक अभ्यास (Mock Exercise) आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न विभागों द्वारा राहत एवं बचाव कार्यों का वास्तविक प्रदर्शन किया जाएगा।
अपर जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि सभी अधिकारी निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर मॉक अभ्यास में सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि आपदा की स्थिति में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देने की क्षमता को और अधिक मजबूत किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस अभ्यास के दौरान प्राप्त अनुभव एवं निष्कर्ष भविष्य की कार्ययोजना को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
जनपद मुख्यालय से बाहर तैनात अधिकारियों के लिए ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की व्यवस्था की गई है, जिसके लिए संबंधित अधिकारियों को पृथक से लिंक उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे भी इस महत्वपूर्ण अभ्यास का हिस्सा बन सकें।
इस मॉक अभ्यास के माध्यम से विभिन्न विभागों—पुलिस, स्वास्थ्य, वन, शिक्षा, आपदा प्रबंधन एवं एनडीआरएफ—के बीच समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता, संचार व्यवस्था तथा त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली का गहन परीक्षण किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि भविष्य में किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में जनपद स्तर पर त्वरित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा सकें।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एस.एस. नबियाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी राजकुमार, मुख्य शिक्षाधिकारी तरुण पंत सहित पुलिस, एनडीआरएफ एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेन्द्र महर द्वारा किया गया।