गड़कोट व पीपली न्याय पंचायतों में प्रशासन पहुँचा जनता के द्वार सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक, सैकड़ों हुए लाभान्वित

अधिकांश जनसमस्याओं का मौके पर त्वरित समाधान

जन संवाद के माध्यम से विकास से जुड़ी समस्याओं पर हुई सीधी सुनवाई

पिथौरागढ़ ।शासन के निर्देशों के क्रम में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद पिथौरागढ़ के 64 न्याय पंचायतों में दिनांक 17 दिसम्बर, 2025 से 12 फरवरी, 2026 तक जनसेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
इसी क्रम में दिनांक 04 फरवरी, 2026 को जनपद पिथौरागढ़ की न्याय पंचायत गड़कोट (जूनियर हाईस्कूल विषाड़, विकासखण्ड पिथौरागढ़) एवं न्याय पंचायत पीपली (राजकीय इंटर कॉलेज पीपली, विकासखण्ड कनालीछीना) में शिविरों का सफल आयोजन किया गया।
न्याय पंचायत गड़कोट में आयोजित शिविर की अध्यक्षता श्री हरीश आर्या, जिला पंचायतराज अधिकारी द्वारा की गई। शिविर में मा० दर्जा राज्य मंत्री श्री गणेश भण्डारी, प्रदेश मंत्री श्रीमती दीपिका बोहरा, सहित लगभग 100 जनप्रतिनिधि, 79 अधिकारी/कार्मिक, 490 प्रतिभागी उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से 587 लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। कुल 100 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 83 का मौके पर ही निस्तारण किया गया तथा शेष 17 शिकायतें संबंधित विभागों को अग्रिम कार्यवाही हेतु प्रेषित की गईं।
न्याय पंचायत पीपली में आयोजित शिविर की अध्यक्षता श्रीमती खुशबू पाण्डेय, उप जिलाधिकारी द्वारा की गई। शिविर में 32 जनप्रतिनिधि, 62 अधिकारी/कार्मिक, 495 प्रतिभागी उपस्थित रहे। शिविर के दौरान 311 लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। कुल 127 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 102 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया तथा 25 शिकायतें संबंधित विभागों को प्रेषित की गईं।
दोनों शिविरों में राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायत राज, समाज कल्याण, कृषि एवं उद्यान, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पशुपालन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, श्रम, शिक्षा, पेयजल, लोक निर्माण, पीएमजीएसवाई, आधार, डेयरी, मत्स्य, सहकारिता सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। शिविरों में वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन, परिवार रजिस्टर, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, जॉब कार्ड आदि से संबंधित आवेदन भी कराए गए।
शिविरों के दौरान जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें ग्रामीणों द्वारा पेयजल, सड़क, विद्युत लाइन, स्मार्ट मीटर, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन निर्माण आदि समस्याएं रखी गईं। संबंधित अधिकारियों द्वारा समस्याओं की सुनवाई करते हुए त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर अधिकारियों द्वारा आगामी शिविरों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार का आह्वान करते हुए यह निर्देश दिए गए कि प्रत्येक शिविर में अधिक से अधिक जनसमस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कर पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं से संतृप्त किया जाए।