घर-घर स्क्रीनिंग, माइक्रो प्लानिंग और सख्ती — टीबी उन्मूलन पर डीएम का बड़ा एक्शन प्लान

जनपद पिथौरागढ़ में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम एवं एचआईवी/एड्स नियंत्रण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा बैठक जिलाधिकारी श्री आशीष कुमार भटगाई की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के समस्त संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी ने अवगत कराया कि जनपद में National Tuberculosis Elimination Programme (NTEP) के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। वर्ष 2025-26 के दौरान संभावित टीबी रोगियों की पहचान हेतु विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों में जांच सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है तथा ट्रू-नैट एवं सीबी-नैट मशीनों के माध्यम से त्वरित जांच सुनिश्चित की जा रही है।उन्होंने बताया कि टीबी मरीजों को निःशुल्क दवा उपलब्ध कराई जा रही है तथा निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को पोषण सहायता राशि प्रदान की जा रही है। उपचार के दौरान मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे उपचार बीच में न छूटे। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर सर्वे कर संदिग्ध मरीजों की पहचान एवं उपचाराधीन मरीजों का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जा रहा है।जिलाधिकारी ने बैठक में कहा कि आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका टीबी उन्मूलन में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सुझाव दिया कि आशाओं को टीबी नियंत्रण कार्यक्रम में और अधिक सक्रिय एवं प्रेरित करने हेतु उन्हें अतिरिक्त आर्थिक प्रोत्साहन (इंसेंटिव) प्रदान करने पर विचार किया जाए, ताकि उन्हें बेहतर प्रेरणा मिल सके।जिलाधिकारी ने कहा कि यदि आशा कार्यकर्ताओं को समयबद्ध प्रोत्साहन एवं सम्मान दिया जाए तो वे घर-घर सर्वे, संदिग्ध रोगियों की पहचान, संपर्क जांच (कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग) तथा उपचाराधीन मरीजों की नियमित निगरानी में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगी। उन्होंने कहा कि आशाओं के सक्रिय सहयोग से अधिक से अधिक टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान (Early Detection) संभव होगी, जिससे जनपद को शीघ्र टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में उल्लेखनीय प्रगति की जा सकेगी।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने माइक्रो-प्लानिंग के आधार पर घर-घर स्क्रीनिंग, संपर्क जांच तथा संवेदनशील क्षेत्रों की विशेष मैपिंग कर लक्षित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीबी एवं एचआईवी जैसी बीमारियों के उन्मूलन हेतु जनजागरूकता और समयबद्ध उपचार अत्यंत आवश्यक है।बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष नबियाल, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रशान्त कौशिक, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. ललित भट्ट, जिला विकास अधिकारी रमा गोस्वामी, आईसीटीसी काउंसलर सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।