पिथौरागढ़। पूर्व सैनिक संगठन पिथौरागढ़ द्वारा 130 प्रादेशिक सेना पर्यावरण बटालियन के विस्थापन के विरोध में चलाया जा रहा क्रमिक धरना-प्रदर्शन तीसरे दिन भी लगातार जारी रहा। विपरीत मौसम और कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों, मातृशक्ति एवं आम जनमानस ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को मजबूती प्रदान की और सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
धरने में उपस्थित सभी पूर्व सैनिकों एवं समर्थकों ने एक स्वर में स्पष्ट कहा कि जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, धरना स्थगित नहीं किया जाएगा। आंदोलन को अब नगर क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाने की रणनीति बनाई गई है, ताकि सीमांत जनपद की इस गंभीर समस्या को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।पूर्व सैनिकों ने आरोप लगाया कि सरकार जिस प्रकार पूर्व सैनिकों के सम्मान और उनकी भावनाओं की उपेक्षा कर रही है, वह सरकार की सैनिकों के प्रति सोच और मानसिकता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। सैनिकों के नाम पर बड़ी-बड़ी बातें करने वाले जनप्रतिनिधि एवं नेता आज सीमांत जनपद के इस सामूहिक हित के मुद्दे पर मौन हैं, जो उनकी कथनी और करनी में स्पष्ट अंतर दर्शाता है।
पूर्व सैनिकों ने चेतावनी दी कि यदि 130 पर्यावरण बटालियन का विस्थापन नहीं रोका गया तो आगामी 2027 के चुनाव में पूर्व सैनिक सरकार को करारा जवाब देंगे। साथ ही यह भी कहा गया कि जनपद में किसी भी सांसद, मंत्री या जनप्रतिनिधि को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा तथा काले झंडे दिखाकर विरोध किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर पूर्व सैनिक मतदान बहिष्कार जैसे कठोर कदम उठाने को भी मजबूर होंगे।
पूर्व सैनिक संगठन द्वारा जन जागरूकता अभियान को तेज करते हुए नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क कार्यक्रम लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कल पिथौरागढ़ मुख्य बाजार में जन चेतना कार्यक्रम आयोजित किया गया तथा वड्डा क्षेत्र में बुद्धिजीवी वर्ग एवं ग्राम प्रधानों के साथ बैठक कर धरने के समर्थन में रैली निकालने पर विचार-विमर्श किया गया। आज इसी क्रम में कुमौड़ क्षेत्र में भी जनसंपर्क अभियान चलाया गया।आज के धरना प्रदर्शन में 1971 युद्ध के जांबाज वीर योद्धा सूबेदार मेजर गिरधर सिंह खनका तथा देवलथल क्षेत्र से पहुंचे 1971 युद्ध के हीरो सूबेदार मेजर शंकर सिंह द्वारा धरने को समर्थन एवं आशीर्वाद प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त सीनियर सिटीजन उपाध्यक्ष श्री आर.एस. खनका एवं इंजीनियर्स एसोसिएशन अध्यक्ष राजेंद्र जोशी साहब द्वारा भी आंदोलन को समर्थन दिया गया।
आज के धरने में प्रमुख रूप से राजेंद्र जोरा, लक्ष्मण सिंह थापा, शेर सिंह, जगत सिंह, नवीन गुरुरानी, राजेंद्र सिंह, सहित दीपा जोशी, प्रमिला बोरा, दीपा चुफाल एवं दर्जनों अन्य पूर्व सैनिक एवं मातृशक्ति उपस्थित रहे।पूर्व सैनिक संगठन ने पुनः दोहराया कि यह आंदोलन जनपद के पर्यावरण, रोजगार, सीमांत सुरक्षा एवं भविष्य से जुड़ा है, और इसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा।

