अब मोबाइल से होगी जनगणना: पिथौरागढ़ में अधिकारियों का डिजिटल प्रशिक्षण शुरू
जनगणना-2027 पूरी तरह डिजिटल: डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आगाज़
‘जनगणना से जन कल्याण’ मिशन पर तेज़ी — पिथौरागढ़ में 3 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शुरू
विकास भवन सभागार, पिथौरागढ़ में “भारत की जनगणना – Census of India 2027” के अंतर्गत जिला/चार्ज स्तर के अधिकारियों का 3 दिवसीय इंट्रोडक्टरी सत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के प्रथम दिवस की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्री आशीष भटगांई द्वारा की गई।
जैसा कि विदित है, भारत में पूर्व जनगणना वर्ष 2011 में सम्पन्न हुई थी। इसी क्रम में आगामी जनगणना-2027 का प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) वर्ष 2026 में तथा द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) वर्ष 2027 में संपादित किया जाना निर्धारित है। इसी उद्देश्य से जनपद स्तर पर समस्त संबंधित अधिकारियों, चार्ज अधिकारियों, चार्ज सहायकों एवं अन्य कार्मिकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
आगामी जनगणना-2027 कई दृष्टियों से ऐतिहासिक एवं विशेष है, क्योंकि यह प्रथम अवसर होगा जब संपूर्ण जनगणना प्रक्रिया शत-प्रतिशत डिजिटल माध्यम से संपादित की जाएगी। इस बार जनगणना कार्य पूर्णतः मोबाइल एप्लिकेशन आधारित होगा। प्रगणक (Enumerator) एवं पर्यवेक्षक (Supervisor) अपने स्वयं के मोबाइल फोन के माध्यम से आंकड़ों का संकलन करेंगे।
संपूर्ण संचालन, पर्यवेक्षण एवं प्रबंधन हेतु ‘जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS Portal)’ का उपयोग किया जाएगा, जिसे इस बार जनगणना का “मस्तिष्क” कहा जा सकता है।
प्रथम चरण: मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना
राज्य में प्रथम चरण का कार्य दिनांक 25 अप्रैल 2026 से 24 मई 2026 तक प्रस्तावित है। यह कार्य घर-घर जाकर क्षेत्रीय सर्वेक्षण के रूप में किया जाएगा।
स्व-गणना (Self Enumeration) की अवधि 10 अप्रैल 2026 से 24 अप्रैल 2026 तक प्रस्तावित है। इस सुविधा के अंतर्गत परिवारों को प्रथम बार वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके पश्चात प्रगणक द्वारा सत्यापन किया जाएगा।
द्वितीय चरण: जनसंख्या गणना
यह चरण 09 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक संचालित होगा।
उत्तराखंड राज्य के हिमाच्छादित क्षेत्रों हेतु विशेष प्रावधान के अंतर्गत जनसंख्या गणना का कार्य 11 सितम्बर 2026 से 30 सितम्बर 2026 तक किया जाना प्रस्तावित है।
जनपद के प्रत्येक तहसील एवं नगर को एक विशिष्ट जनगणना चार्ज के रूप में चिन्हित किया जाएगा तथा प्रत्येक चार्ज में एक चार्ज अधिकारी नामित किया जाएगा।
चार्ज अधिकारी की मुख्य जिम्मेदारियाँ—
वेब मैपिंग ऐप एवं क्रिएटर ऐप के माध्यम से जियो टैगिंग कर हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों का निर्माण।
सीमाओं (Boundaries) का निर्धारण एवं सत्यापन।
हाउस लिस्टिंग एवं जनसंख्या गणना कार्य की निगरानी।
वेब पोर्टल एवं CMMS के माध्यम से संपूर्ण प्रबंधन एवं पर्यवेक्षण।
फील्ड कार्य की समयबद्धता, पूर्ण कवरेज एवं आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित करना।
जमीनी स्तर पर जनगणना कार्य के सफल क्रियान्वयन में चार्ज अधिकारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
सभी प्रशिक्षण गतिविधियाँ CMMS पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाएंगी। सर्वप्रथम क्षेत्रीय प्रशिक्षकों (Field Trainers) को प्रशिक्षित किया जाएगा, तत्पश्चात वे प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।
शत-प्रतिशत डिजिटल प्रणाली लागू होने से डेटा की गुणवत्ता, सटीकता एवं त्वरित संकलन में उल्लेखनीय सुधार अपेक्षित है, जो पूर्ववर्ती जनगणना की तुलना में अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी होगा।
जनगणना की सफलता हेतु स्थानीय स्तर पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा। इसके अंतर्गत प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के माध्यम से निरंतर प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
अतः जनपद स्तर पर समस्त संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया जाता है कि वे जनगणना-2027 के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपादित करना सुनिश्चित करें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी श्री आशीष भटगांई ने कहा कि जनगणना का हमारे देश में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। यह न केवल विकास योजनाओं के निर्माण का आधार है, बल्कि जनकल्याणकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमुख साधन भी है।
उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारीगणों से तीन दिवसीय प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने का सुझाव दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि यह प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि आगामी जनगणना-2027 के सफल क्रियान्वयन की आधारशिला है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रशिक्षण के प्रत्येक सत्र में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें तथा प्रायोगिक (Practical) अभ्यास के माध्यम से समस्त प्रक्रियाओं को भली-भांति समझें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि डिजिटल माध्यम से होने वाली इस ऐतिहासिक जनगणना को सफल बनाने हेतु तकनीकी दक्षता एवं पूर्ण समझ अत्यंत आवश्यक है।
इस जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन जनगणना निदेशालय, उत्तराखंड के परविंद्र कुमार सिंह, सहायक निदेशक, अनुपम आर्या, सांख्यिकी अधिकारी तथा हेमंत कुमार, सांख्यिकी अधिकारी द्वारा किया गया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को जनगणना-2027 की डिजिटल प्रक्रिया, मोबाइल एप आधारित डाटा संकलन, सीएमएमएस पोर्टल के उपयोग तथा फील्ड स्तर पर क्रियान्वयन संबंधी तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी विस्तार से प्रदान की गई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी श्री योगेंद्र सिंह, जनपद के समस्त उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी (BDO) तथा नगर निगम एवं नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी (Executive Officers) उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने प्रशिक्षण सत्र में सक्रिय सहभागिता करते हुए जनगणना-2027 की तैयारियों एवं प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा की।

