हल्द्वानी। यूजीसी की नई गाइडलाइन को लेकर सवर्ण शक्ति संगठन उत्तराखंड ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के संयोजक प्रकाश हर्बोला ने गाइडलाइन को भेदभावपूर्ण बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। इसके विरोध में संगठन आगामी 21 फरवरी को रामलीला मैदान से डीएम कोर्ट कार्यालय तक एक विशाल आक्रोश महारैली निकालकर अपना विरोध वक्त करेंगा। जिसके बाद जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भी प्रेषित किया जायेगा।
गुरूवार को रामपुर रोड स्थित एक होटल में पत्रकार वार्ता करते हुए संगठन के संयोजक प्रकाश हर्बोला ने कहा कि गाइडलाइन में भेदभाव झलकता है जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठी शिकायत होने पर संबंधित व्यक्ति का कैरियर प्रभावित हो सकता है, जबकि शिकायतकर्ता के खिलाफ दंड का स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इससे शिक्षा संस्थानों में असंतुलन की स्थिति पैदा हो सकती है। श्री हर्बोला ने इक्विटी बोर्ड में सवर्ण वर्ग के प्रतिनिधित्व का अभाव भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रावधान से एक पक्ष को पहले से ही दोषी मान लिया जाए तो यह न्याय प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है।उन्होंने रोहित वेमुला प्रकरण का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार से गाइडलाइन पर पुनर्विचार की मांग की। संगठन के सह संयोजक भुवन भट्ट ने कहा कि संगठन किसी भी वर्ग के खिलाफ नहीं है, बल्कि न्याय व्यवस्था में समानता की पैरवी कर रहा है। शिक्षा संस्थान ज्ञान और संवाद के केंद्र होने चाहिए। उन्होंने सभी छात्रों और शिक्षकों के लिए निष्पक्ष और समान शिकायत तंत्र लागू करने की मांग उठाई। ऐलान किया कि संगठन ने 21 फरवरी को रामलीला मैदान से डीएम कार्यालय तक आक्रोश महारैली निकालेगा। आक्रोश महारैली के दौरान संगठन जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भी प्रेषित करेंगा। पत्रकार वार्ता में भुवन भट्ट जगत सिंह बिष्ट, त्रिलोक सिंह बिष्ट, तरुण वानखेड़े, मनोज अग्रवाल, प्रताप जोशी, योगेंद्र भट्ट सहित कई सदस्य मौजूद रहे।

