पेयजल संकट से निपटने को प्रशासन की तैयारी, टैंकरों से भी होगी जल आपूर्ति
जनपद में 99.64 प्रतिशत घरों तक पहुंचा नल से जल, ग्रीष्मकाल हेतु विशेष कार्ययोजना
लीकेज मरम्मत व वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के डीएम के निर्देश
पेयजल समस्या वाले क्षेत्रों में टैंकरों से आपूर्ति की व्यवस्था
पिथौरागढ़, 10 मार्च 2026, सूचना।
जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगाई की अध्यक्षता में ग्रीष्मकाल के दौरान जनपद में पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिशासी अभियंता जल संस्थान सुरेश जोशी द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि उत्तराखण्ड जल संस्थान, शाखा पिथौरागढ़ द्वारा ग्रीष्मकाल को देखते हुए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। विभाग द्वारा नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था की वर्तमान स्थिति का आकलन करते हुए संभावित प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
जनपद पिथौरागढ़ में जल संस्थान द्वारा संचालित विभिन्न पेयजल योजनाओं के माध्यम से लगभग 83 हजार की आबादी को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में कुल 12.89 एमएलडी पेयजल की मांग के सापेक्ष लगभग 10.75 एमएलडी जल उत्पादन किया जा रहा है, जिसके कारण कुछ क्षेत्रों में आंशिक कमी की स्थिति बनी हुई है। विभाग द्वारा इस कमी को दूर करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं।
जल संस्थान के अनुसार पिथौरागढ़ नगर में जलापूर्ति की मांग एवं आपूर्ति में अंतर होने के कारण कुछ मोहल्लों में एक दिन के अंतराल से जलापूर्ति की जा रही है। इसके साथ ही चिन्हित पेयजल समस्या वाले क्षेत्रों में टैंकर एवं पिकअप वाहनों के माध्यम से जल वितरण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
विभाग द्वारा पिथौरागढ़ नगर के 40 वार्डों में से 39 वार्डों के कुछ मोहल्लों को पेयजल समस्या वाले क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार टैंकरों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त गंगोलीहाट नगर के 7 वार्डों के 15 प्रभावित क्षेत्रों में भी टैंकरों द्वारा पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की जाएगी।
इसी प्रकार डीडीहाट, बेरीनाग तथा मुनस्यारी नगर क्षेत्रों के कुछ वार्डों में भी ग्रीष्मकाल के दौरान पेयजल की समस्या उत्पन्न होने की संभावना को देखते हुए विभाग द्वारा टैंकरों के माध्यम से जल वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी चिन्हित प्रभावित बस्तियों में आवश्यकता अनुसार पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
जनपद में जल जीवन मिशन के अंतर्गत भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जनपद के 94,474 घरों में से 94,137 घरों को नल से जलापूर्ति उपलब्ध कराई जा चुकी है, जो कि लगभग 99.64 प्रतिशत है।
इसके अतिरिक्त जल संस्थान द्वारा विभिन्न विकासखंडों में संचालित योजनाओं की नियमित निगरानी की जा रही है। विभाग के अनुसार किसी भी क्षेत्र में पेयजल संबंधी समस्या की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। विभाग ने उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) भी संचालित किया है, जहां दूरभाष नंबर 05964-225237 तथा मोबाइल नंबर 7900278607 पर संपर्क किया जा सकता है।
बैठक में जिलाधिकारी ने जल निगम एवं जल संस्थान के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में पेयजल लाइनों में हो रहे लीकेज की तत्काल मरम्मत, खराब पड़े हैंडपंपों की शीघ्र मरम्मत, ठुलीगाड़ रिजर्ववायर की नियमित सफाई, तथा ठुलीगाड़ से पेयजल आपूर्ति को सुचारू रखा जाए। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने जल निगम को आंवलाघाट को चैनलाइज करने के भी निर्देश दिए ताकि नदी का डिस्चार्ज लेबल बढ़ सके, जिलास्तरीय कंट्रोल रूम में ग्रीष्मकाल के दौरान कर्मचारी की उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ ही ग्रीष्मकाल को देखते हुए पेयजल व्यवस्था की निरंतर निगरानी रखने तथा समस्या वाले क्षेत्रों में तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
जल संस्थान के अधिकारियों ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे पेयजल का उपयोग संतुलित एवं जिम्मेदारीपूर्वक करें, ताकि सभी क्षेत्रों में समान रूप से जल उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही किसी भी प्रकार की पेयजल समस्या होने पर तत्काल विभाग को सूचित करें, जिससे शीघ्र समाधान किया जा सके।
बैठक में एसडीएम सदर जितेन्द्र वर्मा,अधिशासी अभियंता पेयजल निगम पिथौरागढ़ पी एन चौधरी, अधिशासी अभियंता जल संस्थान डीडीहाट संदीप चतुर्वेदी, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम गंगोलीहाट आशुतोष उपाध्याय उपस्थित रहे।
