पिथौरागढ़, दिनांक 08 जून 2026। राजकीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ, उत्तराखंड द्वारा घोषित चरणबद्ध आंदोलन कार्यक्रम के अंतर्गत आज जनपद पिथौरागढ़ में भी आयुष चिकित्साधिकारियों द्वारा सांकेतिक विरोध प्रारम्भ कर दिया गया।

जिला कार्यकारिणी के नेतृत्व में समस्त आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में चिकित्साधिकारी काली पट्टी बांधकर ओपीडी सेवाओं का संचालन कर रहे हैं।

जिला अध्यक्ष डॉ. राकेश खाती एवं जिला सचिव डॉ. धीरज आर्य के निर्देशन में जनपद के सभी चिकित्सा अधिकारियों द्वारा शासन एवं विभागीय व्यवस्था के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया गया। चिकित्सकों ने कहा कि वर्षों से लंबित सेवा संबंधी मांगों की लगातार अनदेखी किए जाने से पूरे संवर्ग में गहरा असंतोष व्याप्त है।

चिकित्साधिकारियों का कहना है कि पर्वतीय एवं सीमांत जनपदों में कठिन परिस्थितियों के बावजूद आयुष चिकित्सक लगातार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं, लेकिन उनके सेवा हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। DACP लाभ, ACP/MACP प्रकरण, पदोन्नति, स्थायीकरण, विभागीय पुनर्गठन एवं अध्ययन अवकाश जैसी समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं।

इसके अतिरिक्त आधार आधारित बायोमेट्रिक एवं मोबाइल ऐप आधारित उपस्थिति व्यवस्था को लेकर भी चिकित्सकों में नाराजगी दिखाई दी। चिकित्सकों ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क एवं तकनीकी समस्याओं के बावजूद कर्मचारियों पर अनावश्यक प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है, जो व्यावहारिक रूप से कठिन है।

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन के दौरान भी चिकित्साधिकारी जनहित को ध्यान में रखते हुए मरीजों को सेवाएं दे रहे हैं तथा शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। यदि शासन स्तर पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन आगामी चरणों में और तेज किया जाएगा।संघ द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार 08 जून से 10 जून तक काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध, 13 जून को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन एवं ओपीडी बहिष्कार तथा 15 जून से पूर्ण कार्य बहिष्कार प्रस्तावित है।