पिथौरागढ़।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में उत्तराखंड के जनपद पिथौरागढ़ से 40 श्रद्धालुओं का दल गुजरात स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के दर्शन एवं पूजन के लिए रविवार को रवाना हुआ। यात्रा का शुभारंभ नगर निगम की मेयर कल्पना देवलाल व अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएँ देते हुए उनके मंगलमय एवं सफल यात्रा की कामना की गई।


मेयर कल्पना देवलाल ने कहा कि यह यात्रा भगवान सोमनाथ के प्रति आस्था, श्रद्धा एवं सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालु अपने साथ रामेश्वरम से लाया गया पवित्र जल भी कलश में लेकर जा रहे हैं, जिसे भगवान सोमनाथ के ज्योतिर्लिंग पर अर्पित किया जाएगा। उन्होंने उत्तराखंड सरकार एवं गुजरात पर्यटन विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों सरकारों के सहयोग से श्रद्धालुओं को यह यात्रा पूर्णतः निशुल्क कराई जा रही है। उन्होंने सभी यात्रियों को शुभ यात्रा की शुभकामनाएँ देते हुए भगवान भोलेनाथ से सभी के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की प्रार्थना की।


अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह ने बताया कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत यह यात्रा उत्तराखंड पर्यटन एवं गुजरात पर्यटन की संयुक्त पहल के रूप में आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के माध्यम से श्रद्धालुओं का चयन किया गया तथा यात्रा के दौरान आवागमन, आवास, भोजन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ पूर्णतः निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि श्रद्धालु अपने साथ रामेश्वरम से लाया गया पवित्र जल भी लेकर जा रहे हैं, जिसे भगवान सोमनाथ को अर्पित किया जाएगा। अपर जिलाधिकारी ने जिलाधिकारी एवं समस्त जनपदवासियों की ओर से सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएँ देते हुए उनकी सुखद एवं मंगलमय यात्रा की कामना की।


उप निदेशक पर्यटन अतुल भंडारी ने बताया कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत पिथौरागढ़ से 40 श्रद्धालुओं का दल आज सोमनाथ के लिए रवाना हुआ है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के साथ जनपद से पवित्र कलश में रामेश्वरम का पवित्र जल भी भेजा गया है, जिसे सोमनाथ मंदिर में अर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों के श्रद्धालुओं के मध्य भगवान सोमनाथ के प्रति आस्था एवं सांस्कृतिक विरासत को और अधिक सुदृढ़ करना है।

उन्होंने बताया कि यात्रा की समस्त व्यवस्थाएँ उत्तराखंड सरकार एवं गुजरात सरकार के संयुक्त सहयोग से की जा रही हैं। दल में कुल 40 श्रद्धालु शामिल हैं, जिनमें 7 महिलाएँ एवं 33 पुरुष हैं।


इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों ने श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा एवं शुभकामनाओं के साथ उत्साहपूर्वक स्वागत एवं विदाई दी।