पिथौरागढ़,

नए राजस्व स्रोत चिन्हित करने, स्मार्ट मीटर स्थापना में तेजी एवं राजस्व हानि पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

जिलाधिकारी श्री आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के विभिन्न विभागों की राजस्व संवर्द्धन एवं राजस्व प्राप्ति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागवार राजस्व प्राप्ति की प्रगति, वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में राजस्व विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि निर्धारित वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष अब तक लगभग 27 प्रतिशत राजस्व प्राप्त किया जा चुका है। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शेष लक्ष्य की समयबद्ध प्राप्ति के लिए योजनाबद्ध रणनीति अपनाते हुए राजस्व वसूली में तेजी लाई जाए तथा प्रत्येक विभाग नियमित रूप से अपनी प्रगति की समीक्षा कर लक्ष्य के अनुरूप कार्य करना सुनिश्चित करे।

निबंधन विभाग द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित ₹12 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक ₹2.67 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया गया है। वहीं नगर निगम द्वारा भी अपने निर्धारित लक्ष्य का लगभग 23 प्रतिशत राजस्व अर्जित कर लिया गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने-अपने आय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करें तथा पिछले वर्ष जिन क्षेत्रों एवं सेक्टरों से बेहतर राजस्व प्राप्त हुआ था अथवा जहां आय बढ़ाने की पर्याप्त संभावनाएं हैं, उनका गहन विश्लेषण करते हुए उन पर विशेष फोकस किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने क्षेत्राधिकार में नए राजस्व स्रोतों की पहचान कर ठोस कार्ययोजना तैयार करे तथा उसकी नियमित समीक्षा करते हुए लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करे। विभागीय स्तर पर नवाचार एवं प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से राजस्व वृद्धि के सभी संभावित विकल्पों पर कार्य किया जाए।

बैठक में विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान स्मार्ट मीटर स्थापना की प्रगति पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जनपद में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य लगभग 76 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शेष उपभोक्ताओं के यहां भी स्मार्ट मीटर स्थापना का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए। साथ ही सभी उपभोक्ताओं को प्रत्येक माह नियमित रूप से विद्युत बिल जारी किया जाए, जिससे बिलिंग व्यवस्था सुदृढ़ हो तथा राजस्व वसूली में अपेक्षित वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने विद्युत विभाग को लाइन लॉस कम करने के लिए प्रभावी एवं परिणामपरक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।
खनन विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि राजस्व वृद्धि की दृष्टि से नए खनन लॉट चिन्हित किए जाएं। नियमानुसार सर्वेक्षण एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताएं समयबद्ध रूप से पूर्ण कर अधिक से अधिक खनन लॉट विकसित किए जाएं, जिससे जनपद के राजस्व में वृद्धि हो सके।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों में राजस्व वृद्धि के नए स्रोतों की पहचान करें, राजस्व संग्रहण को प्रभावी बनाएं तथा राजस्व की हानि पहुंचाने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं के विरुद्ध नियमानुसार सख्त विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राजस्व संवर्द्धन शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और सभी विभागों को लक्ष्य प्राप्ति के लिए पूर्ण गंभीरता, समन्वय एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करना होगा।

बैठक में उपजिलाधिकारी सदर जितेंद्र वर्मा,उपप्रभागीय वनाधिकारी राजकुमार, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशाशन अभिनव गहतोड़ी, जिला खान अधिकारी मयंक आर्या समेत राजस्व विभाग के अधिकारी, कर्मचारी आदि उपस्थित रहे