पिथौरागढ़,

जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में शुक्रवार को कैंप कार्यालय में जनपदीय अभियोजन निदेशालय के सभी अभियोजको की अर्द्धवार्षिक कार्य समीक्षा (परफॉर्मेंस ऑडिट) एवं वार्षिक कार्ययोजना 2026-27 के संबंध में बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अभियोजन विभाग द्वारा जनवरी से जून 2026 की अवधि में किए गए कार्यों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किया गया तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में अभियोजन विभाग की अर्धवार्षिक समीक्षा मै जनवरी से जून तक की अवधि के दौरान कुल 683 प्रकरणों (IPC & ACT) का जनपद के बिभिन न्यायालयों से निस्तारण किया गया तथा दोषसिद्धि (Conviction) की दर लगभग 91.45 प्रतिशत रही। इस अवधि में 1,304 गवाहों का परीक्षण किया गया, जिनमें से 159 गवाहों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से परीक्षित करया गया। साथ ही ई-प्रॉसिक्यूशन पोर्टल पर 6 माह मै 1,504 प्रविष्टियां तथा ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से अब तक जनपद मै 9,777 आरोपपत्र एवं संबंधित अभिलेख दाखिल किए गए है। तकनीकी रुप से समय प्रबंधन एवं कार्य क्षमता मै बृद्धि भी होना पायी।

जिलाधिकारी, ने कहा कि अभियोजन प्रणाली की सफलता केवल दोषसिद्धि दर से नहीं आंकी जा सकती, बल्कि मामलों की गुणवत्तापूर्ण पैरवी, समयबद्ध कार्रवाई, न्यायालयों में प्रभावी समन्वय तथा तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग से भी इसका मूल्यांकन होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक अभियोजक अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं पेशेवर दक्षता के साथ कार्य करते हुए न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाए।
उन्होंने ई-प्रॉसिक्यूशन एवं ई-फाइलिंग प्रणाली का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाहों की उपस्थिति बढ़ाने, पुराने लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करने तथा पुलिस एवं विवेचना एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही अपीलों की नियमित समीक्षा, माल मुकदमाती के शीघ्र निस्तारण तथा पीड़ित एवं गवाह प्रबंधन प्रणाली को और सुदृढ़ बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया।

बैठक में अभियोजन विभाग के सभी अधिकारियों ने वार्षिक कार्ययोजना 2026-27 के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों एवं प्रस्तावित कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की तथा उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक रणनीति पर चर्चा की। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करते हुए न्याय वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं प्रभावी बनाया जाए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, सहायक निदेशक अभियोजन श्री राकेश चंद्र, DGC प्रमोद पंत सहित समस्त लोक अभियोजक पिथौरागढ़ उपस्थित रहे।