पिथौरागढ़ । लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच सोमवार दोपहर घाट-पनार मार्ग पर मसान बाबा मंदिर के पास पहाड़ी से अचानक विशाल बोल्डर गिरने से दर्दनाक हादसा हो गया। बोल्डर की चपेट में आने से ऑल्टो कार संख्या UK05TA2878 बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में संदीप कुमार (35) पुत्र भवानी राम की मौत हो गई, जबकि सुनील कुमार (23) पुत्र आनंद राम, राहुल कुमार पुत्र शंकर, मनोहर लाल पुत्र जोगाराम और सुभाष राम पुत्र शिवराम गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी ग्राम टिम्टा, तहसील गंगोलीहाट, जिला पिथौरागढ़ के निवासी बताए गए हैं।

हादसे के बाद दो लोग वाहन के अंदर फंस गए, जबकि दो यात्री छिटककर उफनती सरयू नदी के किनारे जा गिरे। तेज बहाव और लगातार बारिश के बीच स्थानीय लोगों ने जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू अभियान में प्रशासन का सहयोग किया। होटल स्वामी पप्पू सामंत, श्याम सिंह सामंत, मदन सामंत और लाल सिंह सामंत ने नदी की ओर उतरकर घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई।

सूचना मिलते ही पिथौरागढ़ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा जे एस चुफाल के निर्देश पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा प्रशांत कौशिक के नेतृत्व में चिकित्सा टीमें मौके पर पहुंचीं।प्राप्त सूचना के अनुसार संदीप कुमार को अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत घोषित कर दिया गया। गंभीर घायलों में एक को लोहाघाट रेफर किया गया, जबकि तीन अन्य घायलों को बेहतर उपचार के लिए पिथौरागढ़ अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।

रेस्क्यू में सहयोग करने वाले स्थानीय लोग: पप्पू सामंत, श्याम सिंह सामंत, मदन सामंत और लाल सिंह सामंत।

मृतक: संदीप कुमार (35) पुत्र भवानी राम।

घायल: सुनील कुमार (23) पुत्र आनंद राम, राहुल कुमार पुत्र शंकर, मनोहर लाल पुत्र जोगाराम और सुभाष राम पुत्र शिवराम

घायलों से मिले सीएमओ, चिकित्सकों को दिए बेहतर उपचार के निर्देश

पिथौरागढ़। घाट-पनार सड़क पर हुई दुर्घटना में घायल लोगों का हाल जानने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जे.एस. चुफाल स्वयं जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और उन्हें ढांढस बंधाया।सीएमओ ने अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों से घायलों की स्थिति की जानकारी ली और सभी संबंधित चिकित्सकों को तत्काल बुलाकर घायलों के लिए समुचित एवं बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित कराई। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं।