आज कारगिल युद्ध के अमर बलिदानी वीर शहीद गिरीश सामंत जी की पुण्यतिथि पर पूर्व सैनिक संगठन एवं जनपद के समस्त पूर्व सैनिकों की ओर से उन्हें शत-शत नमन एवं भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।
राष्ट्र की रक्षा के लिए दिया गया आपका सर्वोच्च बलिदान केवल आपके परिवार का नहीं, बल्कि पूरे जनपद, पूरे उत्तराखंड और पूरे राष्ट्र का गौरव है। आपका नाम आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव साहस, त्याग, कर्तव्य और राष्ट्रभक्ति की अमर प्रेरणा बना रहेगा।
एक समय ऐसा भी था जब इन वीर बलिदानियों की स्मृति केवल औपचारिक श्रद्धांजलि कार्यक्रमों तक सीमित होकर रह जाती थी। लेकिन आज यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि पूर्व सैनिक संगठन के निरंतर प्रयासों से जनपद के कारगिल शहीदों के स्मारक, शहीद द्वार एवं स्मृति पट्ट स्थापित हुए हैं। ये स्मारक केवल पत्थरों की संरचना नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा और बलिदान का संदेश देने वाले प्रेरणा-स्थल हैं।
आज शहीद गिरीश सामंत जी के पैतृक गांव देवलथल में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में संगठन के सदस्य उपस्थित होकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर रहे हैं। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपने सैनिक धर्म का पालन करने का संकल्प है। हम उन सभी वीर माताओं,ब और परिवारजनों को भी नमन करते हैं, जिन्होंने राष्ट्र को ऐसे अमर सपूत दिए।
पूर्व सैनिक संगठन सदैव प्रयासरत रहेगा कि जनपद के प्रत्येक वीर शहीद की गौरवगाथा सुरक्षित रहे, उनके स्मारकों का संरक्षण हो और युवाओं के हृदय में राष्ट्रभक्ति की ज्योति सदैव प्रज्वलित रहे। यही हमारे सैनिक धर्म का वास्तविक सम्मान है और यही हमारे लिए सबसे बड़ा गौरव है।
हम सभी संकल्प लें कि शहीदों के सपनों का भारत बनाने में अपना योगदान देंगे और उनके बलिदान को कभी व्यर्थ नहीं जाने देंगे।
“शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर वर्ष मेले,
वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशाँ होगा।”
