पिथौरागढ़़।

तीन दिन में अपेक्षित प्रगति न होने पर होगी कड़ी कार्रवाई, विभागीय अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि घोषणाओं के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आगामी तीन दिनों में जनपद स्तर से की जाने वाली सभी आवश्यक कार्यवाही पूर्ण कर प्रकरण शासन स्तर पर भेजना सुनिश्चित करें। अपेक्षित प्रगति न होने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

मुख्यमंत्री घोषणाओं की पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यप्रणाली स्वीकार्य नहीं है और इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से अपने-अपने विभाग से संबंधित घोषणाओं की नियमित समीक्षा करने तथा लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। विभागीय अधिकारियों को कार्यदाई संस्था के साथ भी नियमित रूप से समन्वय बनाने के निर्देश जारी किए गए।

बैठक में अवगत कराया गया कि 4 जुलाई 2021 से अतिथि तक मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौरागढ़ के लिए कुल 630 घोषणाएं की गई हैं, जिनमें से 365 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि शेष घोषणाओं पर कार्यवाही गतिमान है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि लंबित घोषणाओं को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए प्रत्येक स्तर पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

अधीक्षण अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग के बैठक में अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने स्पष्टीकरण तलब किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकों में अधिकारियों की उपस्थिति एवं अपने विभागीय कार्यों की जानकारी के साथ प्रतिभाग करना अनिवार्य है। अधिकारी अपने दायित्वों के प्रति पूरी गंभीरता और जवाबदेही के साथ कार्य करें।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत किए जा रहे कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। सभी कार्य पारदर्शिता के साथ गुणवत्तापूर्वक संपादित किए जाएं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग एवं स्थलीय समीक्षा भी सुनिश्चित करें, ताकि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति दोनों पर प्रभावी निगरानी बनी रहे। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य के शुरू होने से पूर्व कार्य स्थल पर नागरिक सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाया जाए, जिसमें कार्य के बारे में विस्तृत जानकारियां शामिल रहें।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जो मुख्यमंत्री घोषणा धरातल पर पूर्ण किया जाना संभव नहीं है, उसके संबंध में पूर्ण औचित्य एवं तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर शासन को विलोपन हेतु भेजा जाए। किसी भी घोषणा को अनावश्यक रूप से लंबित रखने के बजाय उसके संबंध में स्पष्ट एवं समयबद्ध निर्णय लिया जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त प्रत्येक शिकायत का निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। सभी विभागीय अधिकारी अपने-अपने विभाग की शिकायतों की स्वयं नियमित समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी शिकायत अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं एवं जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। अधिकारी अपने दायित्वों के प्रति जवाबदेह रहें और निर्धारित समयसीमा में कार्यों का परिणाम देना सुनिश्चित करें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ दीपक सैनी, अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

जिला सूचना अधिकारी पिथौरागढ़।