पूर्व सैनिक संगठन के शहीद सम्मान अभियान के तहत आज कीर्ति चक्र विजेता शहीद नायक गोपाल सिंह पोखरिया की 29वीं पुण्यतिथि पर शहीद के नाम पर स्थापित शहीद द्वार तथा शहीद की प्रतिमा स्थल पर सैन्य सम्मान के साथ शहीद के परिवारजनों, ग्रामवासी, जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक तथा सैन्य टुकड़ी द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। सीमांत के कनालीछीना विकासखंड के ख्वाँकोट गांव निवासी गोपाल सिंह पोखरिया का जन्म 30 दिसंबर 1961 को उदय सिंह पोखरिया जी के घर पर हुआ था। 12 अगस्त 1981 को भारतीय सेना की 3 कुमाऊं राईफल पर देश सेवा के लिए चयनित होने के बाद वर्ष 1997 में जम्मू कश्मीर में तैनाती के दौरान फतेहपुर गांव पर उग्रवादी गतिविधियों को रोकने का टास्क 3 कुमाऊं को दिया गया था। इस ऑपरेशन मे नायक गोपाल सिंह पोखरिया की टुकड़ी को इलाके के सर्च का टास्क दिया गया, सर्च के दौरान उग्रवादियों द्वारा भारी मात्रा में गोलाबारी शुरू कर दी गई। अपनी जान की परवाह न करते हुए नायक गोपाल सिंह पोखरिया द्वारा तीन उग्रवादियों को ढ़ेर कर दिया गया, लेकिन अपने आप को उग्रवादियों की गोलियों से नहीं बचा पाए और आज ही के दिन देश सेवा पर 29 अगस्त को देश के लिए बलिदान हो गए। इस पूरे ऑपरेशन में छह आतंकवादी मारे गए थे । उनकी वीरता को देखते हुए तत्कालीन राष्ट्रपति श्री के. नारायनन जी द्वारा मरणोपरांत इन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया था। आज जनपद मुख्यालय से पूर्व सैनिक संगठन के उपाध्यक्ष सूबे मेजर रमेश सिंह महर साहब के नेतृत्व में बड़ी संख्या पर पूर्व सैनिकों द्वारा दूरस्थ क्षेत्र पर जाकर श्रद्धांजलि कार्यक्रम को आयोजित किया, जिस पर सेना की 8 मद्रास रेजिमेंट के सूबेदार वेंकटेश बरलु साहब, ख्वाकोट क्षेत्र से हवलदार प्रेम सिंह साहब, 3 कुमाऊं राईफल के माध्यम से सुबे. मेजर गोविंद बल्लभ, पूर्व सैनिक संगठन के नायब सूबेदार हयात सिंह साहब तथा विधायक श्री बिशन सिंह चुफाल जी द्वारा पुष्प चक्र अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी गई। मौजूदा समय पर इस शहीद द्वार तथा स्मारक क्षेत्र पर भू-धसाव के कारण काफी खतरा पैदा हो चुका है, जिसके लिए पूर्व सैनिक संगठन द्वारा शासन, प्रशासन से लगातार पत्राचार और वार्तालाप किया जा रहा है, वही इसे लेकर भी आज माननीय विधायक महोदय द्वारा जिलाधिकारी महोदय से वार्ता कर शीघ्र ही सुरक्षा कार्यों को शुरू करने हेतु निर्देशित किया गया। संगठन द्वारा स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आगामी 15 दिन के भीतर अगर सुरक्षा कार्य शुरू नहीं होते हैं तो जनपद के गौरव और देश के बलिदान के सम्मान के खातिर पूर्व सैनिक धरने पर बैठने के लिए मजबूर होंगे। शहीद की वीरांगना श्रीमती पुष्पा पोखरिया जी द्वारा सभी का आभार व्यक्त करते हुए पूर्व सैनिक संगठन के सहयोग हेतु धन्यवाद प्रेषित किया गया । कहा गया कि पूर्व सैनिक संगठन के माध्यम से ही एक शहीद की वीरांगना होने का गर्व और त्याग का प्रतिरूप आज देखने को प्राप्त हुआ है। क्षेत्रीय विधायक महोदय द्वारा भी संगठन के कार्यों और समर्पण की भरपूर प्रशंसा की गई उन्होंने स्पष्ट तौर से कहा कि आज पूर्व सैनिक संगठन के कारण ही जनपद पर बलिदान और वीरता को नए आयाम प्राप्त हो रहे हैं। पूर्व सैनिक संगठन द्वारा श्रीमती पुष्पा पोखरिया जी को शाल ओढ़ाकर तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। शहीद के जयकारों तथा भारत माता की जय के उद्घोष के साथ इस कार्यक्रम को आज भव्य तौर से आयोजित किया गया। ऐसे कार्यक्रम समाज के लिए, युवाओं के लिए एक प्रेरणा तथा ऐसे बलिदान को, ऐसी वीरता को परिलक्षित करते हुए, देश सर्वोपरि का भाव प्रस्तुत करते हैं। आज इस कार्यक्रम पर ब्लॉक प्रमुख महिमन सिंह कन्याल,नायब तहसीलदार चंद्र प्रकाश, ग्राम प्रधान हेमचंद्र पांडे सहित सुबे. मेजर दिवाकर बोहरा, सुंदर सिंह, प्रहलाद सिंह, आनंद सिंह, त्रिलोक ऐरी, दयाल सिंह, घनश्याम जोशी, हर सिंह, महेश चंद, बलवंत सिंह ललित मोहन जोशी, विक्रम सिंह, सेना मेडल सहित कई पूर्व सैनिक, क्षेत्रीय जनमानस तथा ग्रामीण उपस्थित रहे। जय हिंद