अखिल भारतीय समानता मंच के बैनर तले जुटे कई संगठनों के लोग।
पिथौरागढ़। यूजीसी के नए कानून के विरोध में और सिर्फ आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग के पक्ष में रामलीला मैदान टकाना में अखिल भारतीय समानता मंच के बैनर तले विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों और आम जनमानस ने जोरदार नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। शमशेर महर ने कहा कि आरक्षण का लाभ गरीब तबके तक पहुंचना चाहिए। सरकार ने पहले जनता को हिंदू मुसलमान में बांटा। अब एसटी, एससी, ओबीसी व सवर्ण में बांट रही है। हम सरकार की बांटो और राज करो की नीति को सफल नहीं होने देंगे। यूकेडी के महानगर अध्यक्ष राम सिंह ने कहा कि सवर्ण वर्ग अब अत्याचार को नहीं सहेगा। सरकार सभी को फ्री शिक्षा, चिकित्सा, राशन दे, हमें इससे तकलीफ नहीं है किंतु आरक्षण गरीब को मिले। गिरधर सिंह बिष्ट ने कहा कि एससी, एसटी, ओबीसी वर्ग के आई ए एस, डाॅक्टर, प्रोफेसर के बच्चे भी आरक्षण से नौकरी में लग रहे हैं। जिससे इसका उद्देश्य विफल साबित हो रहा है। आरक्षण पहले 10 वर्ष के लिए दिया गया था, फिर 25 वर्ष बढ़ाया, स्वतंत्रता के 79 वर्ष बीत चुके हैं। यह अनीति पूर्ण व्यवस्था अब सरकार के लिए भस्मासुर साबित होगी। अखिल भारतीय समानता मंच के अध्यक्ष के एस भाटिया ने कहा कि जाति के आधार पर आरक्षण नहीं होना चाहिए। सरकार ने यूजीसी के काले कानून को वापस लेना होगा। यूकेडी के कार्यकारी जिलाध्यक्ष जनार्दन उप्रेती जन्नू दा ने कहा कि जाति के आधार पर आरक्षण के कारण जातिगत विद्वेष की भावना में वृद्धि हो रही है। सामाजिक कार्यकर्ता दीपक जोशी ने कहा कि जातिगत आरक्षण व्यवस्था के कारण योग्य व्यक्ति की प्रतिभा का हनन हो रहा है। सभी को शिक्षा व रोजगार के समान अवसर मिलें लेकिन आरक्षण आर्थिक आधार पर हो। अनिल चंद ने कहा कि हम यूजीसी के काले कानून का सड़क से लेकर सदन तक पुरजोर विरोध करेंगे और समाज में फूट डालने की सरकार की इस नापाक मंशा को सफल नहीं होने देंगे। एलपी जोशी, आर एस खनका, दयानंद भट्ट, पीबी जोशी, लक्ष्मी दत्त शर्मा आदि ने उपस्थित जन समूह को संबंधित करते हुए आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग करते हुए यूजीसी के काले कानून का विरोध किया। वक्ताओं ने कहा कि जंतर मंतर पर सरकार ने काॅक्रोचों के आंदोलन को कई सप्ताह तक चलने दिया लेकिन आरक्षण विरोधियों पर दो ही दिन में लाठियां बरसा दीं। सरकार सवर्णों को अपना वोट बैंक मानती है और उनके साथ अन्याय कर रही है। सवर्ण समाज सरकार को आने वाले चुनाव में जरूर सबक सिखाएगा। इस दौरान भाष्करानंद जोशी, प्रकाश जोशी, राजेंद्र जोशी, दीवान बिष्ट, दिनेश अवस्थी, अनिल कोठारी, सतीश जोशी, राधा बल्लभ उप्रेती, रमेश चंद, बालकृष्ण जोशी, कैलाश पंत, अजय भट, प्रवीण रावल, प्रदीप भट्ट आदि उपस्थित थे।
