पिथौरागढ़।
मुन्ना बैंड के स्थाई समाधान के लिए 33.47 करोड़ स्वीकृत: अजय टम्टा
टनकपुर से आदि कैलाश तक यात्रा होगी और ज्यादा सुलभ
पिथौरागढ़ में वर्षाकाल के पश्चात जनपद में राष्ट्रीय राजमार्गों एवं प्रमुख मोटर मार्गों की स्थिति तथा चल रहे एवं प्रस्तावित सुधारीकरण कार्यों को लेकर कल देर सायं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के उपचार, सड़क सुधारीकरण, चौड़ीकरण, बाईपास निर्माण तथा राष्ट्रीय राजमार्गों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों की समीक्षा की गई।
बैठक में के केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि भारत सरकार उत्तराखंड ने रोड कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि चंपावत-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के विभिन्न भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के उपचार के लिए महत्वपूर्ण धनराशि स्वीकृत की गई है। कोट अमोडी क्षेत्र में चेनज 100.572 से 100.792 किमी तक भूस्खलन उपचार के लिए 25.65 करोड़ रुपये, जबकि दिल्ली बैंड क्षेत्र में चेनज 170.075 से 170.325 किमी तक भूस्खलन उपचार के लिए 33.15 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इसी प्रकार घाट बैंड/मुन्ना बैंड क्षेत्र में कार्य के लिए 33.47 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई है। पिथौरागढ़ से लिपुलेख मार्ग पर चार भूस्खलन स्थलों के उपचार के लिए 285 करोड़ रुपये तथा टनकपुर-पिथौरागढ़ मार्ग पर कुल 30 भूस्खलन स्थलों के उपचार के लिए 273 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
बैठक में राज्य मंत्री ने बताया बताया गया कि NH-9 पर पिथौरागढ़ से तवाघाट के मध्य छह भूस्खलन स्थलों के उपचार के लिए 422 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं जोलजीबी से बंगापानी तक लगभग 29.31 किमी मार्ग के दो-लेन निर्माण के लिए 587 करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव मंत्रालय में स्वीकृति हेतु भेजा गया है, जिस पर शीघ्र कार्य प्रारंभ होने की संभावना है।
इसके अतिरिक्त स्वाला डेंजर जोन में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-09 पर प्रोटेक्शन कार्य कर समस्या का समाधान किया गया है, जिसकी लागत 21.34 करोड़ रुपये है। बेड़ाखेत से पिथौरागढ़ तक लगभग 90 किमी मार्ग में डामरीकरण एवं सुधारीकरण कार्यों के लिए 89.41 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
बैठक में चंपावत बाईपास के लिए 100 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत होने तथा कार्य गतिमान होने की जानकारी दी गई। साथ ही लोहाघाट बाईपास (5.59 किमी) एवं पिथौरागढ़ बाईपास (12 किमी) के निर्माण के लिए डीपीआर गठन की कार्यवाही गतिमान है। घाट से उड़ियारी बैंड तक लगभग 80 किमी मार्ग के दो-लेन चौड़ीकरण के लिए भी डीपीआर गठन की कार्यवाही चल रही है।
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीमांत जनपद की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली इन परियोजनाओं में समयबद्धता, गुणवत्ता एवं सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए तथा स्वीकृत एवं प्रस्तावित कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी समाधान के साथ-साथ आमजन की सुविधा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद, जिलाधिकारी आशीष भटगांई, मुख्य विकास अधिकारी डॉ दीपक सैनी सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी एवं अन्य संबंधित उपस्थित रहे ।