मुवानी (पिथौरागढ़)। रामगंगा घाटी के मुवानी में आयोजित 11वें मुवानी महोत्सव की पहली सांस्कृतिक संध्या में लोकसंस्कृति और संगीत का अनूठा संगम देखने को मिला। लोकगायक कैलाश कुमार और कमलजीत ढकरियाल की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। कुमाऊंनी लोकगीतों के साथ नेपाली और रं भाषा के गीतों की गूंज से पूरा महोत्सव स्थल उत्साह और उमंग से सराबोर रहा।
कार्यक्रम में कैलाश कुमार ने ‘स्वर्ग तारा जुन्याली रात…’ गीत की प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं। वहीं कमलजीत ढकरियाल ने रं भाषा के लोकप्रिय गीत ‘चुंगबाला रो जिगु छेमे…’ से दर्शकों का दिल जीत लिया। दोनों कलाकारों ने हिंदी, कुमाऊंनी और नेपाली गीतों की जुगलबंदी से कार्यक्रम में विविध रंग भरे।
इससे पहले सूचना विभाग के उमा रावत दल, प्रकाश रावत और नवराज भैंसोड़ा ने अपनी प्रस्तुतियों से लोकसंगीत की छटा बिखेरी। नेहा गाड़िया के नृत्य ने भी दर्शकों को आकर्षित किया।
पहली सांस्कृतिक संध्या के मुख्य अतिथि डीडीहाट के ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र धामी ‘गुड्डू’ रहे। उन्होंने महोत्सव समिति को आयोजन के लिए 50 हजार रुपये की नगद धनराशि प्रदान की। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाले ऐसे महोत्सव जनता को स्वस्थ मनोरंजन देने के साथ ही लोकसंस्कृति और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
कड़ाके की ठंड के बावजूद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। भीड़ अधिक होने के चलते बीच-बीच में दर्शकों के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली। कार्यक्रम का संचालन ललित मोहन राठौर ‘शौर्य’ और हंस पाल ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर महोत्सव समिति अध्यक्ष कमल दीप सिंह बिष्ट, प्रधान संरक्षक राम सिंह राठौर, संयोजक रमेश बम, उपाध्यक्ष जीवन बोरा, महामंत्री शोभन कार्की, सचिव कुलदीप आर्या, उप सचिव संजय भट्ट, वुडक्राफ्ट कंपनी के निदेशक सुमित तिवारी, ग्राम प्रधान संगठन अध्यक्ष महिमन कन्याल, कैप्टन श्याम सिंह कार्की, डंबर बहादुर पाल, विक्रम कठायत, कुंदन पुजारा, जिला पंचायत सदस्य हेमंत प्रसाद सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।