प्रेस विज्ञप्ति
पिथौरागढ़। कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए अल्पायु में सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीद पैराट्रूपर कुंडल सिंह बेलाल की वीर माता श्रीमती कूना देवी जी का 78 वर्ष की आयु में निधन पर पूर्व सैनिक संगठन पिथौरागढ़ ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
श्रीमती कूना देवी एक ऐसी वीर माता थीं, जिन्होंने अपने पुत्र को देश की रक्षा के लिए समर्पित किया। एक ओर पुत्र के सर्वोच्च बलिदान का असहनीय दुःख और दूसरी ओर परिवार में लगातार आए दुखों को सहते हुए उन्होंने जीवन बिताया। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व ही उनके बडे पुत्र का भी बीमारी के कारण निधन हो गया था। माता जी और उनके दोनों पुत्रों के निधन के बाद परिवार में अब उनकी बहू, नाती एवं नातिन ही रह गई हैं।
परिवार की इस अत्यंत कठिन परिस्थिति को देखते हुए पूर्व सैनिक संगठन ने न केवल अंतिम यात्रा के लिए वाहन की व्यवस्था कराई, बल्कि परिवार को हरसंभव सहायता एवं भविष्य में निरंतर सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
अंतिम यात्रा के दौरान क्षेत्र के पूर्व सैनिकों एवं संगठन के सदस्यों ने दिवंगत वीर माता के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उन्हें अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर सु मेजर मनोहर सिंह बेलाल, राजेंद्र सिंह बोहरा, उमेद सिंह मेहता, राम सिंह बेलाल, जोगेंद्र सिंह रावत सहीत क्षेत्र के अनेक पूर्व सैनिक एवं संगठन के सदस्य उपस्थित रहे।
इस अवसर पर संगठन ने कहा कि शहीदों के परिवारों का सम्मान करना, उनके सुख-दुःख में सहभागी बनना और विपरीत परिस्थितियों में उनके साथ मजबूती से खड़ा रहना पूर्व सैनिक संगठन की नैतिक जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि उसकी कार्यसंस्कृति का अभिन्न अंग है। संगठन ने परिवार को आश्वस्त किया कि इस कठिन घडी मे अकेले नहीं है ओर संगठन आगे भी हर संभव मदत के लिए तैयार रहेगा
एक बीर माताजी को सत सत नमन उनकी स्मृतियों को विनम्र श्रद्धांजलि