पिथौरागढ़ । भारत-नेपाल के बीच आवागमन करने वाले लोगों का डाटा अब डिजिटल रूप में रहेगा। इसके लिए (सशस्त्र सीमा बल) ने झूलाघाट अंतरराष्ट्रीय झूलापुल पर बार्डर एंट्री मैनेजमेंट सिस्टम लगाया है। हर नागरिक की फेस आईडी तैयार की जा रही है।

एसएसबी कमाण्डेट आशीष कुमार का कहना है कि झूलाघाट और धारचूला में स्थित अंतरराष्ट्रीय झूला पुल पर आवाजाही को सुगम बनाने के लिए एक माह के ट्रायल पर बार्डर एंट्री मैनेजमेंट सिस्टम लगाया गया है। इसमें आने जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का डाटा कम्प्यूटर में फीड किया जा रहा है। इसके लिए कैमरे से फेस आईडी बनाई जा रही है। जिसके बाद वह व्यक्ति जब दोबारा आएगा तो कैमरे पर अपना फेस दिखाकर आसानी से आवाजाही कर सकेगा। इस सिस्टम के बाद यदि संबंधित व्यक्ति बार्डर से कभी भी आवागमन करता है तो उसका पूरा डाटा तुरंत निकल आएगा। इससे एसएसबी और आवागमन करने वाले नागरिकों का समय बचेगा।

कमांडेंट आशीष कुमार के मुताबिक इस कार्य में अभी समय लग रहा है। उन्होंने बताया कि एक माह बाद व्यापारियों से इस सिस्टम के बारे में फीडबैक लेकर आगे की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस समय पुल पर अधिक भीड़भाड़ रहेगी तो रजिस्टर पर मैनुअली एंट्री कराई जाएगी, ताकि लोगों को लंबा इंतजार न करना पड़े।