धारचूला में स्थापित होगा कार्डिंग प्लांट, जिला उद्योग मित्र बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार, जिला उद्योग मित्र बैठक में उद्योग विकास पर मंथन
सीमांत क्षेत्र में स्वरोजगार को बढ़ावा देने की पहल, जिला उद्योग मित्र की बैठक सम्पन्न
ऊनी उत्पादों और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन, जिला उद्योग मित्र समिति ने की समीक्षा
पिथौरागढ़ | दिनांक: 13 मार्च 2026 सूचना।
जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगाई की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, पिथौरागढ़ में जिला उद्योग मित्र (वर्ष 2025–26) की चौथी बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में सीमांत क्षेत्र में ऊन आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने, स्वरोजगार सृजन तथा स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र कविता भगत ने अवगत कराया कि धारचूला में कार्डिंग प्लांट स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए पुरानी बिल्डिंग एवं पुरानी कार्डिंग मशीन को डिस्मेंटल कर नई बिल्डिंग तथा नई कार्डिंग मशीन स्थापित करने हेतु कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा लगभग 143 लाख रुपये की लागत से 05 यूनिटों के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
बैठक में समिति द्वारा सुझाव दिया गया कि उक्त परिसर का उपयोग स्थानीय स्तर पर ऊन प्रसंस्करण एवं ऊन आधारित लघु उद्योगों को विकसित करने के लिए किया जा सकता है। इससे सीमांत क्षेत्र के लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कार्डिंग प्लांट एवं संबंधित भवनों के प्रभावी उपयोग हेतु विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।
बैठक के दौरान वर्ष 2025–26 में उद्योग, हस्तशिल्प एवं हथकरघा क्षेत्र के उत्पादों के जनपद स्तरीय प्राप्त प्रविष्टियों का मूल्यांकन जनपद स्तरीय समिति द्वारा किया गया। विभिन्न उद्यमियों द्वारा प्रस्तुत उत्पादों का परीक्षण कर उनकी गुणवत्ता, उपयोगिता एवं बाजार संभावनाओं के आधार पर चयन किया गया।
हथकरघा क्षेत्र में
श्रीमती जानकी बुग्याल (मुनस्यारी) द्वारा निर्मित स्टोल को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।
श्रीमती नन्दा देवी (डीडीहाट) द्वारा निर्मित शॉल एवं स्टोल को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।
हस्तशिल्प क्षेत्र में
श्री ललित प्रसाद (चमुण्डारी) द्वारा निर्मित उत्पाद को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।
श्री प्रेम राम (भीनतोड़ा) द्वारा निर्मित डोका, डाला, सूपा एवं टोकरी तथा श्रीमती द्रोपदी गर्ब्याल (धारचूला) द्वारा निर्मित दन को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।
सूक्ष्म, लघु उद्योग क्षेत्र में
श्री विनोद कार्की (पिथौरागढ़) द्वारा निर्मित ग्रीन टी एवं ब्लैक टी को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।
श्रीमती रमा मुरारी (कनालीछीना) द्वारा निर्मित बोतलबंद पेयजल को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।
प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को ₹6000 की धनराशि तथा द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों को ₹4000 की धनराशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जाएगी। साथ ही सभी विजेताओं को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनके कार्य को प्रोत्साहन मिल सके।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सीमांत क्षेत्र में स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी जाए, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ें और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
बैठक में जीएम जिला उद्योग कविता भगत, अधिशासी अभियंता विद्युत नितिन गर्खाल सहित अन्य विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
