जिलाधिकारी श्री आशीष कुमार भटगाई ने जनपद के सीमांत एवं दुर्गम क्षेत्रों में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) तथा दारमा घाटी एवं व्यास घाटी क्षेत्रों में कार्यरत संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि यात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए सभी चिन्हित डेंजर जोन पर तत्काल प्रभाव से सायरन की व्यवस्था की जाए, ताकि भूस्खलन, पत्थर गिरने अथवा अन्य संभावित खतरों की स्थिति में लोगों को समय रहते सतर्क किया जा सके। उन्होंने बीआरओ के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संवेदनशील एवं जोखिम वाले स्थलों का स्पष्ट चिह्नीकरण किया जाए तथा वहां पर्याप्त संख्या में चेतावनी संकेतक (साइन बोर्ड) स्थापित किए जाएं। इन बोर्डों पर खतरे संबंधी जानकारी स्पष्ट रूप से अंकित की जाए, जिससे यात्रियों को मार्ग की स्थिति एवं संभावित जोखिमों की पूर्व जानकारी मिल सके। *"जिलाधिकारी ने एसडीएम कार्यालय के संबंधित कार्मिकों को निर्देशित किया कि वे यात्रियों के निरंतर संपर्क में रहें तथा मार्ग की स्थिति एवं आवश्यक सूचनाओं से उन्हें समय-समय पर अवगत कराते रहें। मानसून के दौरान शासन एवं मौसम विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का अनिवार्य रूप से पालन किया जाय जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्व में भी जारी की गई एडवाइजरी का अपेक्षित अनुपालन नहीं किया गया था। उन्होंने सभी संबंधित विभागों एवं नागरिकों से सुरक्षा एवं सावधानी संबंधी निर्देशों का गंभीरता से पालन करने की अपील की।*

जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून एवं अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों के दौरान सीमांत क्षेत्रों में सड़क मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है। ऐसे में सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

श्री भटगाई ने स्पष्ट निर्देश दिए कि संबंधित कार्यदायी संस्थाएं एवं बीआरओ निर्धारित समयावधि के भीतर इन व्यवस्थाओं को पूर्ण करें। यदि सुरक्षा संबंधी इन निर्देशों का समुचित पालन नहीं किया गया अथवा कार्यों में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों एवं संस्थाओं की जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षित, सुगम एवं निर्बाध यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी बनाए हुए है तथा सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।