पिथौरागढ़: मोबाइल नहीं पुस्तक दें अभियान के तहत एल.डी.भट्ट. मैमोरियल पब्लिक स्कूल में बाल साहित्य की पुस्तकें वितरित की गई। अभियान के संयोजक बाल साहित्यकार इंजी. ललित शौर्य द्वारा रचित परियों का संदेश, जंगल हम बचायेंगे, जादुई दस्ताने, स्वच्छता ही सेवा, द मैजिकल ग्लव्स आदि पुस्तकें पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे।
समाजसेवी जुगल किशोर पांडेय ने कहा की मोबाइल के दौर में इसका सीमित उपयोग बच्चे को आगे बढ़ा सकता है। ज़्यादा मोबाइल और स्क्रीन टाइम बच्चों के लिए हानिकारक है। यह हमारी स्मरण शक्ति को भी कम कर देता है।
बाल साहित्यकार इंजी. ललित शौर्य ने कहा कि बाल साहित्य बच्चों में संवेदना विकसित करता है। उनकी सोचने -विचारने की शक्ति को पोषण देता है। प्रेरणादायी बाल साहित्य को पढ़कर बच्चे अपना लक्ष्य भी निर्धारित करते हैं। हमें मोबाइल की जगह किताबों को ज़्यादा तरजीह देनी चाहिए।
विद्यालय की प्रधानाचार्य रेखा जोशी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा की इंजी. ललित शौर्य द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान अत्यंत प्रेरणादायी है। बाल साहित्य बच्चों के मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर पूर्व प्रधानाचार्य मोहन चंद्र पाठक, समाजसेवी जयप्रकाश देवलाल समेत विद्यालय का स्टाफ और बच्चे उपस्थित रहे।
