पिथौरागढ़। विकासखंड कनालीछीना के ख्वांकोट गांव में हिलजात्रा पर्व धूमधाम और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। पर्व के दौरान आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। हिरन-चीतल का पारंपरिक खेल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
हिलजात्रा के अवसर पर देव डंगरिए अवतरित हुए। महिलाओं ने फूल और अक्षत से देव डंगरियों की पूजा-अर्चना की। इस दौरान देव डंगरियों ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद दिया। ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ देवताओं की पूजा कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
हिलजात्रा देखने के लिए ख्वांकोट क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पूरे क्षेत्र में दिनभर मेले जैसा माहौल बना रहा। महिलाओं और पुरुषों ने पारंपरिक ठुल खेल का आयोजन कर पर्व की रौनक बढ़ाई। पारंपरिक वेशभूषा और लोक संस्कृति से जुड़े आयोजनों ने लोगों का विशेष ध्यान खींचा।
ग्रामीणों का कहना है कि हिलजात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने वाला पर्व भी है। पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति और रीति-रिवाजों से जोड़ने का काम भी इस पर्व के दौरान होता है।
