मुनस्यारी। मुनस्यारी–मल्ला जौहार क्षेत्र से अपने पशुधन के साथ वापस लौट रहे भेड़ पालकों के सामने लगातार बारिश, भूस्खलन और अत्यधिक ठंड के कारण गंभीर संकट खड़ा हो गया है। लीलम, मामा होटल, रलगाड़ी एवं स्युनी के पास मोटर मार्ग बंद होने के कारण मोहन सिंह, मोहन सिंह धामी, करन सिंह सहित अन्य भेड़ पालक पिछले लगभग दो दिनों से रास्ते में फंसे हुए हैं।
इसी दौरान मपागं नामक स्थान के पास भूस्खलन, लगातार बारिश एवं अत्यधिक ठंड की चपेट में आने से लगभग 70–80 भेड़-बकरियों की मृत्यु होने की सूचना है। इससे प्रभावित भेड़ पालकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। इन परिवारों की आजीविका मुख्य रूप से पशुपालन पर निर्भर है, ऐसे में बड़ी संख्या में पशुधन की मृत्यु से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि, मदकोट–मुनस्यारी एवं यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम दानू ने जिलाधिकारी पिथौरागढ़ से तत्काल इस मामले का संज्ञान लेते हुए मपागं सहित लीलम, मामा होटल, रलगाड़ी एवं स्युनी क्षेत्र में प्रशासनिक टीम भेजकर स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है।
विक्रम दानू ने कहा कि मृत भेड़-बकरियों का राजस्व एवं पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम से मौके पर सत्यापन और पंचनामा कराया जाए तथा प्रभावित भेड़ पालकों को नियमानुसार तत्काल मुआवजा एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को आवश्यक राहत सामग्री, भोजन एवं अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ लीलम–मिलम मोटर मार्ग के बंद हिस्सों को युद्धस्तर पर खोलने की मांग भी की है, ताकि रास्ते में फंसे भेड़ पालकों और उनके पशुधन को सुरक्षित निकाला जा सके।
विक्रम दानू ने कहा कि सीमांत क्षेत्र के भेड़ पालक अत्यंत मेहनतकश परिवार हैं और उनका पशुधन ही उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे कठिन समय में प्रशासन को मानवीय आधार पर तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
उन्होंने जिलाधिकारी से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल स्थलीय निरीक्षण, पशुधन के नुकसान का आकलन, प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा तथा मार्ग खोलने की कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।