*महिला सशक्तिकरण की रफ्तार तेज, चेतना 4.0 में पिथौरागढ़ बना उदाहरण

*डेटा अपलोड में लापरवाही नहीं चलेगी: चेतना 4.0 पर डीएम का सख्त संदेश*

महिला सशक्तिकरण को लेकर ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) द्वारा संचालित “चेतना 4.0” अभियान की प्रगति एवं प्रभावशीलता की समीक्षा हेतु आज जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की विस्तृत एवं गहन समीक्षा की गई।बैठक में सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए गए कि अभियान के अंतर्गत आयोजित गतिविधियों की संख्या एवं कुल पहुंच (Reach) के सटीक एवं सत्यापित आंकड़े संकलित कर निर्धारित समयसीमा के भीतर MoRD द्वारा विकसित MIS–EQUAL (Evidence for Equality) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करना सुनिश्चित करें।बैठक के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास निर्मल बसेड़ा द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य स्तर पर कुल 941 प्रविष्टियों में से 396 प्रविष्टियाँ जनपद पिथौरागढ़ द्वारा दर्ज कराई गई हैं, जिससे जनपद वर्तमान में राज्य में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।ग्रामीण विकास मंत्रालय ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) द्वारा विकसित MIS–EQUAL पोर्टल पर “चेतना 4.0” से संबंधित डेटा अपलोडिंग को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि डेटा अपलोडिंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा यह कार्य शासन के निर्देशों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि “चेतना 4.0” को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने हेतु प्रत्येक जनपद में एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए, जो अभियान के अंतर्गत आयोजित गतिविधियों एवं उनकी कुल पहुंच का सुव्यवस्थित संकलन कर समयबद्ध रूप से MIS–EQUAL पोर्टल पर अपलोड कराना सुनिश्चित करेगा।जिलाधिकारी ने सभी विभागों से आपसी समन्वय, गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए महिला सशक्तिकरण अभियान को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी बनाने की अपेक्षा जताई।बैठक सीईओ हरक राम कोहली, डिप्टी सीएमओ प्रशान्त कौशिक, जिला पंचायती राज अधिकारी हरीश आर्या, जीएम डीआईसी कविता भगत, जिला समाज कल्याण अधिकारी, समेत विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।