पिथौरागढ़ |

बारामो–टुंडी क्लस्टर के समग्र विकास हेतु एकीकृत योजना पर मंथन

बारामो–टुंडी क्लस्टर के समग्र विकास को गति देने हेतु बैठक आयोजित

एकीकृत विकास योजना से बदलेगा बारामो–टुंडी क्लस्टर का स्वरूप
जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बारामो–टुंडी क्लस्टर के समग्र विकास हेतु तैयार एकीकृत विकास योजना के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्लस्टर के समग्र एवं सतत विकास के उद्देश्य से तैयार योजना की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि योजना के अंतर्गत प्रस्तावित गतिविधियों को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जाए, जिससे अधिक से अधिक ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके।

योजना के अंतर्गत आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली फसलों जैसे कीवी, अनानास एवं सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती, मत्स्य पालन, डेयरी एवं बकरी पालन जैसी गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए।

उद्यान विभाग द्वारा 8 नाली भूमि में कीवी का रोपण कराया गया है, जिससे 20 किसान लाभान्वित हो रहे हैं। साथ ही किसानों को सब्जी बीज का वितरण किया गया है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि किसानों को मल्चिंग सेट एवं एंटी-हेलनेट (सुरक्षा जाल) भी उपलब्ध कराए जाएं। मुख्य उद्यान अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि अप्रैल माह में किसानों को मधुमक्खी बॉक्स वितरित किए जाएंगे।

बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, सिंचाई, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया गया। साथ ही जल संरक्षण, सोलर लाइट, सामुदायिक शौचालय एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास पर भी चर्चा की गई।

लघु सिंचाई विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि एचडीपीई पाइप के माध्यम से गूल निर्माण कार्य प्रगति पर है। चेक डैम निर्माण हेतु 24 मार्च को टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, जिसे शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने महिला स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए।

मत्स्य विभाग द्वारा बताया गया कि 32 मत्स्य तालाब प्रस्तावित हैं, जिनमें से 13 की खुदाई पूर्ण हो चुकी है तथा 3 टैंकों हेतु सिलपॉलिन शीट उपलब्ध हो चुकी है। जिलाधिकारी ने शेष कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

डेयरी एवं पशुपालन विभाग को निर्देशित किया गया कि लाभार्थियों का चयन तत्काल पूर्ण कर लिया जाए, जिससे धनराशि प्राप्त होते ही योजनाओं का लाभ शीघ्र दिया जा सके।

पर्यटन विभाग को निर्देश दिए गए कि ग्राम में प्रवेश द्वार (गेट) निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार किया जाए तथा होमस्टे की संभावनाओं के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया जाए।

उरेडा विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि टुंडी क्षेत्र में 6 सोलर लाइट स्थापित की जा चुकी हैं तथा एमबीडीपी योजना के अंतर्गत पूरे क्लस्टर में लाइट प्रस्तावित हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पोलों पर रंग-रोगन एवं सूचना बोर्ड लगाए जाएं।

रेशम विभाग द्वारा बताया गया कि जून माह में शहतूत के पौधों का रोपण कराया जाएगा तथा किसानों को प्रशिक्षण प्रदान कर रेशम उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कार्यस्थल पर परियोजना संबंधी बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाए जाने के निर्देश भी दिए।

बैठक में कहा गया कि यह एकीकृत विकास योजना क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से ग्रामीणों की आय में वृद्धि, रोजगार सृजन एवं जीवन स्तर में सुधार सुनिश्चित किया जा सकेगा।

बैठक में जिला विकास अधिकारी रमा गोस्वामी, मुख्य कृषि अधिकारी अमरेन्द्र चौधरी, मुख्य उद्यान अधिकारी अभिनव कुमार समेत संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।