पिथौरागढ़ |

“हेलो हेल्प” जिलाधिकारी की अभिनव पहल, दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को मिलेगी राहत, अब स्थानीय भाषा में भी दर्ज होंगी शिकायतें

जनपद पिथौरागढ़ में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान हेतु आज एक अभिनव पहल “हेलो हेल्प” हेल्प डेस्क का शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी आशीष भटगांई द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में रिबन काटकर अपनी इस अभिनव जनहितकारी पहल का विधिवत उद्घाटन किया गया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि “हेलो हेल्प पिथौरागढ़” का उद्देश्य आम जनता की शिकायतों एवं समस्याओं का डिजिटल एवं दूरभाष माध्यम से सीधा पंजीकरण कर उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि अब सीमांत एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान हेतु बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

उन्होंने बताया कि इस सेवा के अंतर्गत एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर एवं डिजिटल हेल्प डेस्क स्थापित की गई है, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें सीधे दर्ज करा सकेंगे। प्राप्त शिकायतों को रियल-टाइम में संबंधित विभागों को प्रेषित किया जाएगा, जिससे उन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। शिकायत के निस्तारण के उपरांत शिकायतकर्ता को कार्रवाई एवं प्रगति की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि स्थानीय लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नागरिक अपनी स्थानीय भाषा में भी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि पूरी व्यवस्था को सरल, पारदर्शी एवं जनहितकारी बनाया गया है, ताकि आमजन को प्रशासनिक सेवाओं का बेहतर लाभ मिल सके।

जनसुविधा हेतु नागरिक मोबाइल नंबर 9458144651 पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त डिजिटल माध्यम से शिकायत एवं सुझाव भेजने के लिए ईमेल [email protected] भी उपलब्ध कराया गया है।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि “हेलो हेल्प पिथौरागढ़” जनपद प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद, विश्वास एवं जवाबदेही को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

इस अभिनव पहल के माध्यम से पिथौरागढ़ के सीमांत एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक अब घर बैठे ही फोन के माध्यम से अपनी समस्याएं एवं शिकायतें प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। इससे आमजन को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए लंबी दूरी तय कर जिला मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। विशेष रूप से दुर्गम क्षेत्रों के लोगों को समय, धन एवं अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी।

यह व्यवस्था न केवल जनसुविधाओं को सरल और सुलभ बनाएगी, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच संवाद को भी अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाएगी। साथ ही मुख्यालय तक वाहनों की आवाजाही कम होने से ईंधन की बचत, यातायात में कमी तथा पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारी गण मौजूद रहे।