पूर्व सैनिक संगठन के डीडीहाट क्षेत्र संयोजक गोविंद सिंह कन्याल के संयोजन में आयोजित हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रमडीडीहाट (पिथौरागढ़), 19 जुलाई।भारतीय सेना की कोर ऑफ सिग्नल्स के वीर सपूत शहीद राकेश खोलिया के 17वें शहादत दिवस पर डीडीहाट स्थित शहीद चौक में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों, 11वीं वाहिनी एसएसबी, विभिन्न सामाजिक संगठनों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता कर वीर शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके अदम्य साहस एवं सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
कार्यक्रम का मुख्य संयोजन एवं संचालन पूर्व सैनिक संगठन, डीडीहाट इकाई के क्षेत्र संयोजक पूर्व सैनिक गोविंद सिंह कन्याल साहब द्वारा किया गया। प्रत्येक वर्ष उनकी पहल, समर्पण एवं सतत प्रयासों से यह श्रद्धांजलि समारोह गरिमापूर्ण ढंग से आयोजित किया जाता है, जिससे नई पीढ़ी को शहीदों के त्याग, बलिदान और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा मिलती है। इस आयोजन में श्री शेर सिंह चुफाल तथा 11वीं वाहिनी एसएसबी का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि शहीद कभी केवल अपने परिवार के नहीं होते, बल्कि पूरे राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होते हैं।
उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।शहीद राकेश खोलिया का जन्म 1 जुलाई 1986 को डीडीहाट के आंबेडकर वार्ड में एक सैनिक परिवार में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा मोंटेसरी स्कूल, डीडीहाट में हुई। इसके बाद उन्होंने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पिथौरागढ़ में बी.एससी. में प्रवेश लिया। वर्ष 2005 में उनका चयन भारतीय सेना की कोर ऑफ सिग्नल्स में हुआ। जबलपुर में प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत उनकी पहली तैनाती जम्मू-कश्मीर के बारामूला क्षेत्र में हुई।
19 जुलाई 2008 को आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में मातृभूमि की रक्षा करते हुए उन्होंने वीरगति प्राप्त की।श्रद्धांजलि सभा में कर्नल भूपेंद्र सिंह धामी, उपजिलाधिकारी श्रीमती खुशबू पांडे, नगर पालिका अध्यक्ष गिरीश चुफाल, धन सिंह कफलिया, मान सिंह खोलिया सहित अनेक गणमान्य नागरिक, पूर्व सैनिक एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में क्षेत्र संयोजक गोविंद सिंह कन्याल ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमुदाय का आभार व्यक्त किया तथा “शहीद राकेश खोलिया अमर रहें” के गगनभेदी उद्घोष के साथ श्रद्धांजलि सभा का समापन किया।जय हिंद
