80 प्रशिक्षुओं को मास्टर ट्रेनर्स द्वारा दिया जा रहा प्रशिक्षण, 16 नवंबर से होगा सेल्फ एनुमरेशन
जिलाधिकारी श्री आशीष भटगांई द्वारा आज जनगणना के द्वितीय चरण हेतु आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 80 प्रशिक्षु प्रतिभाग कर रहे हैं, जिनमें 17 चार्ज जनगणना अधिकारी, टेक्निकल असिस्टेंट सहित अन्य कार्मिक शामिल हैं। जनगणना निदेशालय, देहरादून से आए मास्टर ट्रेनर्स अनुपम आर्य, अरविंद कुमार सिंह एवं बालम सिंह दानू द्वारा प्रतिभागियों को जनगणना के विभिन्न चरणों, प्रक्रियाओं एवं तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सभी प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनगणना देश की नीति निर्माण प्रक्रिया में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह एक महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील कार्य है, जिसे पूरी गंभीरता, सावधानी एवं जिम्मेदारी के साथ संपादित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाओं एवं नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है।
जिलाधिकारी ने सभी प्रशिक्षुओं को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के दौरान जनगणना से संबंधित अपनी सभी जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का समाधान अवश्य कर लें। उन्होंने कहा कि फील्ड में जाने से पहले सभी कार्मिकों को प्रक्रिया एवं तकनीकी पहलुओं के संबंध में पूर्ण स्पष्टता होनी चाहिए, ताकि जनगणना कार्य के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
उन्होंने निर्देश दिए कि जनगणना कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के साथ ही प्रत्येक स्तर पर शुद्धता, गोपनीयता एवं पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, इसलिए सभी कार्मिक अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें।
जनगणना के द्वितीय चरण के अंतर्गत 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक सेल्फ एनुमरेशन (स्वतः गणना) की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके पश्चात 1 जनवरी से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक (Enumerator) घर-घर जाकर जनगणना संबंधी जानकारी प्राप्त करेंगे। जनगणना की निर्धारित प्रक्रिया को 5 जनवरी 2027 की मध्यरात्रि तक पूर्ण किया जाना है।
द्वितीय चरण की जनगणना के दौरान प्रत्येक परिवार से लगभग 40 प्रश्न पूछे जाएंगे। नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराई गई जनगणना संबंधी जानकारी को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार गोपनीय रखा जाएगा।
अपर जिलाधिकारी श्री योगेंद्र सिंह ने बताया कि जिन नागरिकों द्वारा निर्धारित अवधि में सेल्फ एनुमरेशन पूरा कर लिया जाएगा, उन्हें घर-घर पहुंचने वाले प्रगणकों को संबंधित जानकारी उपलब्ध करानी होगी। इससे प्रगणकों का समय बचेगा तथा जनगणना कार्य को निर्धारित समय-सीमा में सुचारु रूप से पूरा करने में सुविधा होगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी श्री योगेंद्र सिंह, समस्त तहसीलदार, सहायक नगर आयुक्त नगर निगम पिथौरागढ़, समस्त अधिशासी अधिकारी नगर निकाय एवं खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।