देहरादून। 55वीं वाहिनीं पिथौरागढ़ मे पदस्थ आरक्षी (सामान्य) नीतू कुमारी पिता श्री विध्या शंकर राय को दिनांक 14.01.2026 को राजभवन देहारादून मे मे आयोजित कार्यक्रम “एक शाम शहीदों के नाम” कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के महामहिम राज्यपाल लेफ्ट॰ज॰ गुरमीत सिंह, पीवीएसएम, यूवाईएसएम ,वीएसएम(से.नि.) महोदय द्वारा नीतू कुमारी को साहसिक, अनुकरणीय एवं उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। आरक्षी नीतू कुमारी विगत लगभग 18 वर्षों से सशस्त्र सीमा बल में सेवाएं दे रही हैं। इस अवधि में उन्होंने अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा एवं समर्पण के साथ राष्ट्र सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि उन्होंने वर्ष 2008 मे सेवा मे जॉइन होने के उपरांत अब तक 11 परितोषिक अर्जित किए हैं। सीमित संसाधनों एवं कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। वर्ष 2019 में 47वीं वाहिनी क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ के दौरान आरक्षी नीतू कुमारी ने अत्यंत विषम परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय एवं सराहनीय भूमिका निभाई। उन्होंने जान-माल एवं सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए साहस, सूझबूझ एवं मानवीय संवेदना का परिचय दिया, जिसके लिए उस समय उच्चाधिकारियों द्वारा उनके कार्यों की विशेष सराहना की गई। विगत साढ़े तीन वर्षों से आरक्षी नीतू कुमारी की तैनाती 55वीं वाहिनी, पिथौरागढ़ के दुर्गम, संवेदनशील एवं पर्वतीय सीमावर्ती क्षेत्र में है। इस कठिन भौगोलिक क्षेत्र में तैनाती के दौरान भी उन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ किया है। इसी अवधि में एक आपातकालीन रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान आग की भयावह घटना से प्रभावित एक परिवार के 03 सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकालकर जान बचाई। इस प्रकार उन्होंने असाधारण साहस, त्वरित निर्णय क्षमता एवं कर्तव्यबोध का परिचय दिया। 55वीं वाहिनीं पिथौरागढ़ मे सेवाकाल के दौरान आरक्षी नीतू कुमारी ने महिला कार्मिकों की इंचार्ज के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उनके प्रभावी नेतृत्व में महिला बल के भीतर अनुशासन, समन्वय एवं कार्यकुशलता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। महिला कार्मिकों के कल्याण, प्रशिक्षण एवं संवेदनशील कार्यों में उनका योगदान अत्यंत सराहनीय एवं उल्लेखनीय रहा है। उत्तराखंड शासन द्वारा प्रदान किया गया यह सम्मान न केवल आरक्षी नीतू कुमारी की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी कर्तव्यनिष्ठा, साहस, अनुशासन एवं सेवा भावना के साथ कार्य करने वाले 55वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, पिथौरागढ़ के कार्मिकों की प्रतिबद्धता को भी प्रमाणित करता है। यह सम्मान बल में कार्यरत समस्त कार्मिकों, विशेषकर महिला कार्मिकों के लिए प्रेरणास्रोत है।