पिथौरागढ़। सिक्किम में शहीद हुए जिले के गणकोट गांव निवासी लांस नायक विकास कुमार का पार्थिव शरीर शुक्रवार को पिथौरागढ़ लाया गया। पैतृक गांव गणकोट सुगौली में परिजनों ने उनके अंतिम दर्शन किए। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। बाद में रामेश्वर घाट पर सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।शुक्रवार को पिथौरागढ़ के वीर सपूत विकास कुमार को जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। भारतीय सेना के वीर जवान विकास कुमार, जो 19 कुमाऊँ रेजिमेंट में तैनात थे, देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। उनकी तैनाती सिक्किम में थी। इस बहादुर सिपाही की शहादत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। उनके पैतृक गांव गणकोट (सुकौली) में मातम का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हैं, वहीं उनके हृदय में गर्व भी है कि उनका बेटा देश की रक्षा करते हुए शहीद हुआ।जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने कहा कि शहीद विकास कुमार का बलिदान देश की सेवा और सुरक्षा के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का प्रतीक है। उनका यह सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा तथा आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति के लिए प्रेरित करता रहेगा।उन्होंने शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुःख की घड़ी में पूरा प्रशासन उनके साथ खड़ा है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें। शहीद विकास कुमार अपने पीछे माता-पिता, पत्नी, भाई तथा एक 8 माह के शिशु को छोड़ गए हैं।महापौर कल्पना देवलाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विरेंद्र सिंह बोहरा उपजिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा सहित अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके बलिदान को नमन किया।शहीद विकास का रामेश्वर घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। सेना की टुकड़ी ने उनको अंतिम सलामी दी। अंतिम संस्कार में भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। विकास के शहादत से पत्नी, माता-पिता सहित अन्य परिजन गहरे सदमे में हैं। सैकड़ों की संख्या में लोगों ने उनके आवास पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी।